CJP प्रदर्शन में लाठीचार्ज पर CJI सूर्यकांत ने किया सुनवाई से इनकार, बोले 'हमारा समय बर्बाद मत करो। वीडियो देखने का समय नहीं है'

Supreme Court refuses hearing in Delhi lathicharge Case: दिल्ली में हुई हिंसा और लाठीचार्ज के मामले को कुछ लोगों ने सुप्रीम कोर्ट तक उठाया और मामले में सुओ-मोटो (Suo-Moto) के तहत कार्रवाई करने की मांग की है। लेकिन मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के मामले में तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। याचिकाकर्ता की ओर से वकील ने अदालत से घटना और कार्रवाई के वीडियो फुटेज देखकर स्वतः संज्ञान लेने की अपील की थी, जिस पर CJI सूर्यकांत ने साफ कहा, “हमारा समय बर्बाद मत कीजिए। हमारे पास वीडियो देखने का समय नहीं है।”
मामले की सुनवाई में सूर्यकांत ने कहा कि हमारा समय बर्बाद मत कीजिये। हमें विडियो देखने में कोई रुचि नहीं है, ना ही हमारे पास इसका समय है।
21 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने भी मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि कोर्ट को इस मामले में मत घसीटिए।
सोमवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP और छात्रों ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला था, जिसके दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस घटना में सैकड़ों पुलिसकर्मी और छात्र घायल हुए।
दिल्ली पुलिस ने अब तक 10 एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें RAF जवान पर हमले और ड्रोन उड़ाने का मामला भी शामिल है। पुलिस 250 से ज्यादा वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है। सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन अभी भी बंद हैं।
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में छात्रों पर कथित तौर पर ज़रुरत से ज्यादा बल प्रयोग का आरोप लगाया, लेकिन CJI ने इसे तुरंत सुनवाई के योग्य नहीं माना। मामले की सामान्य सुनवाई बाद में होगी। प्रदर्शन अभी भी जारी है और विपक्षी दलों ने भी इसका समर्थन किया है।
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