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बिना तंबाकू-शराब भी हो सकता है Cancer! क्या है ये नया वायरस, डॉक्टरों ने बताई चौंकाने वाली चीज़

बिना तंबाकू-शराब भी हो सकता है Cancer! क्या है ये नया वायरस, डॉक्टरों ने बताई चौंकाने वाली चीज़
स्वास्थ्य
30 Jul 2026, 07:35 pm
रिपोर्टर : Dushyant

Human Papillomavirus, Symptoms and treatment: आज से पहले अगर कैंसर की बात की जाती थी, तो आमतौर पर तंबाकू और शराब को इसकी बड़ी वजह माना जाता था, लेकिन अब ऐसे लोगों में भी कैंसर के केस आने लगे हैं, जिन्होंने कभी भी तम्बाकू या शराब का सेवन नहीं किया। हाल-फ़िलहाल में सिर और गर्दन के कैंसर के मामलों में काफी बढ़ोतरी हुई है और इसमें ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) भी एक बड़ी वजह बनकर उभर रहा है। यह वायरस कम उम्र वाले लोगों में भी गले के कैंसर का जोखिम बढ़ा रहा है।

क्या है ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV)

ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) मुंह और गले के कैंसर की नयी वजह बन रहा है। पहले इसे सर्वाइकल कैंसर से जोड़ा जाता था, लेकिन अब यह कल उम्र के लोगों को और नशा नहीं करने वालों को भी प्रभावित करने लगा है। लेकिन इसके मामलों में दवाइयों और रेडिएशन ट्रीटमेंट फायदेमंद रहता है।

नारायण अस्पताल, जयपुर के डॉ. दीपांशु गुर्नानी का कहना है कि बीते कुछ वक़्त में सर और गर्दन के कैंसर और मरीजों में काफी बदलाव आया है। अब उन लोगों में भी कैंसर की शिकायतें आ रही हैं, जिनका कोई मेडिकल रिकॉर्ड नहीं है। लेकिन साथ ही साथ इलाज के तरीकों में भी बदलाव हुए हैं। नयी टेक्नोलॉजी की मदद से अब मरीज की आवाज़ और चेहरे की बनावट में कोई बदलाव किये बिना भी कैंसर का इलाज संभव है। आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और समय पर पहचान ने इस बीमारी को लेकर लोगों का डर काफी हद तक कम कर दिया है।

शुरुआती लक्षणों को न करें नज़रअंदाज़

सिर और गर्दन के कैंसर के शुरुआती लक्षण कई बार इतने सामान्य होते हैं कि लोग इन्हें मामूली परेशानी समझकर टाल देते हैं। अगर ये लक्षण दो हफ्ते से अधिक समय तक बने रहें, तो तुरंत ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए:

  • कान में लगातार दर्द रहना (बिना किसी संक्रमण के)।
  • आवाज़ में भारीपन या बदलाव जो 2-3 हफ्ते से ज्यादा टिके।
  • खाना निगलते समय दर्द या गले में कुछ अटका हुआ महसूस होना।
  • मुंह का कोई ऐसा छाला या घाव जो दो सप्ताह में भी ठीक न हो।

आधुनिक तकनीक और एआई की क्रांतिकारी भूमिका

कुछ समय पहले तक सिर्फ बड़ी सर्जरी ही इसका एक इलाज थी, जो चेहरे और शरीर पर घाव के निशान छोड़ जाती थी। लेकिन नयी टेक्नोलॉजी से वक़्त पर पहचान होने पर अब प्रभावी और सुरक्षित इलाज संभव हो गया है। इलाज के लिए कई तरीके हैं -

  1. ट्रांसओरल रोबोटिक सर्जरी: इस तकनीक में चेहरे या गर्दन पर बिना कोई बाहरी चीरा लगाए, मुंह के रास्ते रोबोट की मदद से ट्यूमर निकाला जाता है, जिससे रिकवरी तेज़ होती है।
  2. वॉइस प्रिजर्वेशन थेरेपी: आधुनिक रेडिएशन और कीमोथेरेपी के सही कॉम्बिनेशन से कैंसर के इलाज के दौरान मरीज की आवाज़ को सुरक्षित रखा जाता है।
  3. माइक्रोवैस्कुलर रिकंस्ट्रक्शन: सर्जरी के दौरान कैंसर प्रभावित हिस्से को री-कंस्ट्रक्ट करने के लिए शरीर के दूसरे हिस्सों से टिश्यूज़ का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे चेहरा ख़राब नहीं होता।
  4. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): एआई की मदद से ट्यूमर की सटीक मैपिंग और रेडिएशन प्लानिंग की जाती है, जिससे आसपास के हेल्दी टिश्यू सुरक्षित रहते हैं।

सही समय पर जांच और इलाज से न केवल जीवन बचाया जा सकता है, बल्कि मरीज की मुस्कान, आवाज़ और आत्मविश्वास भी बरकरार रखा जा सकता है।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी पर आधारित है। किसी भी प्रकार का लक्षण दिखाई देने पर तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लें।


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