क्या आपको भी हर समय आती है नींद, कहीं ये नार्कोलेप्सी का हिंट तो नहीं

Sleeping disorder: अगर आप हर दिन 6 -7 घंटे की अच्छी नींद लेते हैं, उसके बावजूद पूरे दिन नींद आती रहती है। चाहे ऑफिस में काम करते वक्त हो या क्लास में बैठे-बैठे या सफर के दौरान। अगर आपकी अचानक आंखें बंद होने लगती हैं, तो इसे महज सामान्य थकान समझने की भूल मत करें। जानकारों का कहना है कि ये नार्कोलेप्सी नामक एक स्लीप डिसऑर्डर का संकेत हो सकता है। इस बीमारी मेंनींद और जागने की साइकिल को सही तरीके से नियंत्रित नहीं हो पाती जिससे व्यक्ति को किसी भी समय अचानक नींद आ जाती है।
क्या है नार्कोलेप्सी?
नार्कोलेप्सी एक क्रॉनिक स्लीप डिसऑर्डर है। इसमें व्यक्ति को दिन के समय बहुत नींद आती है और कई बार बिना किसी थकान के कुछ मिनटों के लिए नींद लग जाती है। कुछ मरीजों में तेज हंसी, गुस्सा, डर या भावुक होने पर शरीर की मांसपेशियां अचानक ढीली पड़ जाती हैं। इस स्थिति को कैटाप्लेक्सी कहा जाता है।
नार्कोलेप्सी के प्रमुख लक्षण
- दिनभर नींद आना, अचानक नींद के दौरे पड़ना, बार-बार झपकी लगना, सोते या जागते समय अजीब सपने आना, कुछ सेकंड तक शरीर हिलाने या बोलने में असमर्थ हो जाते हैं, रात में बार-बार नींद टूटना, पढ़ाई, नौकरी और दैनिक कामों में ध्यान से काम करने में कठिनाई होती है।
क्यों होती है ये बीमारी?
जानकारों के मुताबिक नार्कोलेप्सी का सटीक कारण अभी पूरी तरह साफ नहीं है। हालांकि इसके पीछे दिमाग में ओरेक्सिन नामक रसायन की कमी बताई जाती है। कुछ मामलों में सिर में गंभीर चोट या संक्रमण के बाद भी ये समस्या आ सकती है। उस समय लोग इसे इग्नोर कर देते हैं। बाद में ये बड़ी बीमारी बन जाती है।
किन लोगों को ज्यादा खतरा?
ये बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन इसके लक्षण अक्सर 15 से 30 वर्ष की उम्र के बीच दिखाई देने लगते हैं। जिन परिवारों में पहले से ये बीमारी रही हो, उनमें जोखिम थोड़ा ज्यादा रहता है।
क्या है इलाज?
नार्कोलेप्सी का स्थायी इलाज फिलहाल उपलब्ध नहीं है, लेकिन सही दवाओं, नियमित दिनचर्या और जीवनशैली में बदलाव से इसे काफी हद तक कम किया जा सकता है। जैसे समय पर सोना, समय पर जागना, दिन में छोटी झपकी लेना, कैफीन का कम इस्तेमाल करना।
अगर दिन में अचानक नींद आने की वजह से आपकी पढ़ाई, नौकरी या रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है, तो बिना देरी किए डॉक्टर या स्लीप स्पेशलिस्ट से संपर्क करें। समय पर इलाज गंभीर हादसों से आपको बचा सकता है।
कंटेंट- नेहा कुमारी
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