खामेनेई के अंतिम संस्कार में ट्रंप का विवादित बयान! बोले - एक हमले में सबको मार सकता था

Ayatollah Ali Khamenei Funeral and Trump Statement: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए आखिरी यात्रा 4 जुलाई को शुरू हो गयी है। खामेनेई को आखिरी विदाई देने के लिए हर जगह से हजारों की तादाद में लोग इकठ्ठा हो रहे हैं। इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि खामेनेई के अंतिम संस्कार में ईरान सभी बड़े लीडर्स और ख़ास व्यक्ति मौजूद थे। ऐसे में अमेरिका चाहता तो एक ही हमले में सभी को निशाना बना सकता था। हालांकि उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं किया गया, क्योंकि फिर बातचीत के लिए कोई नहीं बचता।
ट्रम्प ने अंतिम संस्कार में मौजूद लोगों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि हो सकता है कि उनके आंसू भी नकली हों। ट्रम्प के इस बयान पर ईरान ने भी तीखा पलटवार करते हुए अमेरिका पर तंज कसा। आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर कहा कि लोगों को तो मारा जा सकता है, लेकिन उनके विचारों को नहीं मारा जा सकता। लेकिन आप शायद ये नहीं समझोगे क्योंकि आपके पास न ही सभ्यता है, न इतिहास और ना ही सम्मान।
इन्हीं बयानबाजी के बीच तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला में अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम दर्शन के लिए तीसरे दिन भी लाखों लोगों की भीड़ उमड़ी। अंतिम दर्शन करने वाली भीड़ ने 'डेथ टू अमेरिका' और 'डेथ टू इजराइल' जैसे नारे लगाए गए। भीड़ और सुरक्षा के मद्देनजर इलाके में सेना और पुलिस की भारी तैनाती की गई है।
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, खामेनेई के अंतिम संस्कार में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए हैं। वहीं, ईरान ने अंतिम संस्कार पूरा होने तक अमेरिका के साथ चल रही बातचीत को फिलहाल रोक दिया है। बता दें कि खामेनेई की अंतिम यात्रा 7 दिनों तक चलेगी और 5 शहरों से गुजरेगी। तेहरान से शुरू हुई यात्रा कोम, नज़फ़, कर्बला और आखिर में 9 जुलाई को मशहद में जाकर रुकेगी, जहाँ इमाम रज़ा दरगाह में खामेनेई को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।
खामेनेई के अंतिम दर्शन के लिए जमा लोगों की भीड़
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