जयपुर कमिश्नरेट पर कांग्रेस का धरना जारी, जब तक रितु बराला की FIR नहीं..तब तक हटेंगे नहीं!
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में 20 अक्टूबर को रितु बराला मामले को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन चर्चा में है। जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में सोमवार रात से धरने पर बैठे कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार को भी अपना प्रदर्शन जारी रखा। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास समेत पार्टी के कई नेता कमिश्नरेट में डटे रहे। सुबह नेताओं की मॉर्निंग वॉक और चाय पीते हुए तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनीं।
कांग्रेस नेताओं ने कमिश्नरेट परिसर के आसपास चक्कर लगाकर सुबह की सैर की और फिर अंदर बैठकर चाय की चुस्कियों के बीच आगे की रणनीति पर चर्चा की। हालांकि, यह सुबह की सामान्य दिनचर्या नहीं, बल्कि रितु बराला मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर जारी धरने के बीच का घटनाक्रम था। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा पहले ही साफ कर चुके हैं कि जब तक मामले में FIR दर्ज नहीं होती, तब तक वे धरनास्थल से नहीं हटेंगे।
रितु बराला केस में क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा मामला NSUI की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला के साथ दिल्ली में कथित मारपीट से जुड़ा है। रितु बराला ने आरोप लगाया है कि 13 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के कर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। कांग्रेस इसी मामले में संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ जयपुर में जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रही है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शिकायत पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए, जबकि जयपुर पुलिस का पक्ष इससे अलग है। पुलिस कमिश्नरेट की जारी 20 अक्टूबर को जारी जानकारी के मुताबिक, इसी घटना को लेकर रितु बराला पहले ही दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में शिकायत दे चुकी हैं और वहां मामले की जांच चल रही है। पुलिस ने इसी आधार पर जयपुर में उन्हीं तथ्यों पर दूसरी जीरो FIR दर्ज करने को विधिसम्मत नहीं माना है।
कमिश्नरेट के बाहर भी बढ़ा प्रदर्शन
धरने के दौरान कमिश्नरेट के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ बढ़ी। पुलिस ने मुख्य गेट बंद रखा और बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को परिसर में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की खबरें भी सामने आईं। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और महिला विधायक भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
कांग्रेस का कहना है कि रितु बराला को न्याय दिलाने और उनकी शिकायत पर कार्रवाई कराने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, पुलिस का तर्क है कि दिल्ली में पहले से शिकायत की जांच चल रही है।
अब आगे क्या होगा?
20 अक्टूबर को जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में जारी इस धरने पर सभी की नजरें टिकी हैं। एक तरफ कांग्रेस जीरो एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर अड़ी है, तो दूसरी तरफ पुलिस पहले से दर्ज शिकायत और चल रही जांच का हवाला दे रही है। अब देखना होगा कि दोनों पक्षों के बीच कोई रास्ता निकलता है या कांग्रेस अपना आंदोलन और तेज करती है।
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