जयपुर मेयर चुनाव में बवाल: एंट्री रोकने के आरोप पर कांग्रेस का निगम गेट पर धरना

जयपुर। नगर निगम जयपुर में महापौर पद के लिए शुक्रवार को हो रही वोटिंग के दौरान कांग्रेस ने प्रवेश व्यवस्था को लेकर हंगामा कर दिया। कांग्रेस विधायक रफीक खान और अमीन कागजी ने आरोप लगाया कि उन्हें और कांग्रेस के लोगों को निगम मुख्यालय के अंदर जाने से रोका जा रहा है, जबकि भाजपा से जुड़े कुछ ऐसे लोगों को अंदर जाने की अनुमति दी गई है, जो किसी संवैधानिक पद पर नहीं हैं।
विवाद बढ़ने के बाद रफीक खान और अमीन कागजी के साथ कांग्रेस के कई पार्षद नगर निगम के गेट पर ही धरने पर बैठ गए। कांग्रेस नेताओं ने प्रवेश व्यवस्था में कथित भेदभाव का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि जब कांग्रेस नेताओं और पार्षदों के प्रवेश पर रोक है तो भाजपा से जुड़े लोगों को अंदर जाने की परमिशन किस आधार पर दी गई।
'पहले बाहर निकालो, फिर होगी बात'
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि निगम परिसर में मौजूद ऐसे भाजपा नेताओं को बाहर किया जाए, जिन्हें चुनाव प्रक्रिया के तहत अंदर जाने का अधिकार नहीं है। साथ ही उन्होंने प्रवेश को लेकर लागू प्रोटोकॉल और नियमों को सार्वजनिक करने की मांग की।
अमीन कागजी ने सवाल उठाया कि अगर किसी व्यक्ति को मतदान प्रक्रिया से संबंधित आधिकारिक जिम्मेदारी नहीं है तो उसे मतदान स्थल के अंदर प्रवेश कैसे मिला। वहीं रफीक खान ने अंदर आने-जाने वाले लोगों की रिकॉर्डिंग सामने लाने और यह स्पष्ट करने की मांग की कि किन लोगों को किस आधार पर एंट्री दी गई।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब तक कथित तौर पर नियमों के विपरीत अंदर गए भाजपा नेताओं को बाहर नहीं किया जाता और प्रवेश से जुड़े प्रोटोकॉल को स्पष्ट नहीं किया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
मतदान के लिए पहले से तय था प्रवेश का प्रोटोकॉल
जयपुर नगर निगम के महापौर चुनाव के लिए शुक्रवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान निर्धारित है और इसके बाद मतगणना होनी है। प्रशासन ने मतदान के लिए पार्षदों के साथ फोटो पहचान पत्र सहित निर्धारित दस्तावेज लाने के निर्देश दिए थे।
ऐसे में मतदान के दौरान प्रवेश को लेकर हुआ ये विवाद चुनाव प्रक्रिया के बीच राजनीतिक टकराव का नया मुद्दा बन गया है। कांग्रेस के आरोपों पर प्रशासन या चुनाव अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि निगम परिसर में किन लोगों को प्रवेश की अनुमति थी और किन नियमों के तहत उन्हें अंदर जाने दिया गया।
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