लखनऊ जैसा हादसा के इंतजार में जयपुर? नगर निगम की फायर ब्रांच ने कोचिंग सेंटर्स पर की कार्रवाई

Jaipur Coaching Fire NOC: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कोचिंग इमारत में आग लगने से 15 छात्र-छात्राओं की मौत ने पूरे देश को दहला दिया और सिस्टम के प्रति गुस्से को और उबाल दे दिया। इस घटना से सीख लेते हुए जयपुर नगर निगम ने आज यहां के कोचिंग संस्थानों पर बड़ी कार्रवाई की है। नगर निगम की फायर ब्रांच ने गोपालपुरा स्थित कोचिंगों में जाकर बिना फायर NOC वाले संस्थानों को सीज कर दिया।
5 कोचिंग संस्थान हुए सीज़
रिपोर्ट के मुताबिक नगर निगम की फायर शाखा ने फायर NOC नहीं लेने वाले 5 कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई की है। टीम ने गोपालपुरा बाईपास, त्रिवेणी चौराहा, रिद्धि-सिद्धि पर कोचिंग संस्थान सीज कर दिए हैं। टीम ने सीज किए संस्थानों के बाहर सीज़ का नोटिस भी चस्पा कर दिया है।
नगर निगम की इस कार्रवाई से कोचिंग संस्थानों में हड़कंप मचा हुआ है। साथ ही ये बड़े सवाल खड़े कर रहा है कि जिन बच्चों से मोटी-मोटी फीस लेकर ये कोचिंग संस्थान में अपने विज्ञापनों में इतना पैसा खर्च करते हैं, बड़ी-बड़ी बिल्डिंग में संचालन कर रहे हैं, उन बच्चों की सुरक्षा में वो इतनी लापरवाही क्यों बरत रहे हैं। इतनी संकरी कोचिंग में अगर आग जैसी कोई घटना होती है तो इससे कैसे बचा जाए, कोचिंग संस्थानों के पास इसका कोई इंतजाम नहीं है।
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने भी उठाए सवाल
मंगलवार को जोधपुर में सर्किट हाउस में मीडिया से गहलोत ने वार्ता कर सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि लखनऊ में आग से 15 बच्चे मर गए। क्या राजस्थान में बीजेपी सरकार ऐसी घटनाओं का इंतजार कर रही है। जयपुर में 500 करोड़ खर्च कर कोचिंग हब बनाया है। सरकार की बेवकूफी से 100 करोड़ वापस ले लिए। मजाक बनाया हुआ है इन्होंने। 1 लाख बच्चे तो गोपालपुरा बाइपास में पढ़ रहे हैं। गोपालपुरा में गैस से 25-30 बच्चे घायल हुए हैं तो क्या सरकार यूपी जैसी घटनाओं का इंतजार कर रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल से खुद मैंने अपील की है कि जोधपुर में लाइब्रेरी समेत कई इंस्टीट्यूट ओपनिंग के लिए पड़े हैं। वो कह रहे थे कि वो जल्दी इसका उद्घाटन के लिए आएंगे लेकिन आज तक नहीं आए वो।
लखनऊ में अब तक 15 स्टूडेंट्स की मौत
बीते दिन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज के सेक्टर-डी में दोपहर को एक मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में आग लग गई थी। इसमें बेसमेंट, ग्राऊंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर पर पेट शॉप और क्लिनिक चल रहे थे। दूसरी मंजिर पर लर्निंग स्पेस नाम की कोचिंग चलती थी साथ ही एक 3डी आर्ट प्रोडक्शन का स्टूडियो चलता था। बताया गया था कि आग बेसमेंट से लगी और ऊपर तक फैली। पूरी बिल्डिंग में आग को बुझाने का कोई यंत्र नहीं था ना ही फायर NOC थी। कोचिंग ने भी इसे लेने की जहमत नहीं उठाई। आग जब दूसरी मंजिल पर पहुंची। तो वहां पहले से मौजूद बच्चों में हड़कंप मच गया। बच्चे बाथरूम में जाकर छिपने लगे। कोई तो बिल्डिंग से कूद गया। लेकिन धुएं और दम घुंटने से एक-एक कर 15 बच्चों की दर्दनाक तरीके से मौत हो गई।
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