उद्घाटन के 5 महीने बाद भी अधूरा है इलेक्ट्रोपैथी बोर्ड का कार्यालय! 8.99 लाख के कामों का भुगतान अटका

जयपुर। राजस्थान इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति बोर्ड के गांधी नगर स्थित कार्यालय को लेकर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। 1 मई 2026 को इस कार्यालय और प्रशासनिक परिसर का उद्घाटन किया गया था। लेकिन बोर्ड के भेजे गए पत्र में कहा गया है कि कार्यालय से जुड़े कई काम अभी तक पूरे नहीं हुए हैं और कई कामों का भुगतान भी अटका हुआ है।
दरअसल, बोर्ड के प्रशासनिक कार्यालय एम-8, गांधी नगर में बिजली, पानी, सिविल वर्क, रंग-रोगन सहित दूसरे कामों के लिए सरकार ने करीब 8.99 लाख रुपए की मंजूरी दी थी। इसके बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग यानी PWD ने अलग-अलग कामों के टेंडर किए।
लेकिन बोर्ड का कहना है कि कुछ काम ठेकेदार अधूरे छोड़ गए। कार्यालय का काम समय पर पूरा कराने के लिए बोर्ड को खुद प्लंबर, पेंटर, कारपेंटर और दूसरे कारीगर लगाकर कई काम करवाने पड़े।
कुछ कामों के वर्क ऑर्डर तक नहीं निकले
बोर्ड के भेजे पत्र में कहा गया है कि कुछ ऐसे काम भी करवाए गए, जिनके लिए PWD से अभी तक वर्क ऑर्डर जारी नहीं हो सका। ऐसे कामों का माप भी अभी तक नहीं हुआ है।
यानी मामला सिर्फ भुगतान तक सीमित नहीं है। बोर्ड के पत्र के मुताबिक, काम पूरा कराने, उसका माप लेने और भुगतान करने की प्रक्रिया अभी भी पूरी नहीं हुई है।
5 महीने से ज्यादा समय बीता, फिर भी भुगतान का इंतजार
बोर्ड के मुताबिक कार्यालय का काम हुए 5 महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन PWD ने अंतिम माप और जरूरी विभागीय प्रक्रिया पूरी नहीं की। इसके चलते काम करने वाले कारीगरों और सेवा देने वालों का पैसा भी अटका हुआ है। बोर्ड ने सरकार से मांग की है कि PWD को निर्देश देकर बचे हुए कामों के वर्क ऑर्डर, माप और भुगतान की प्रक्रिया जल्द पूरी कराई जाए।
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