Gen Z का नया करियर फंडा: क्यों बदल रहे बार-बार नौकरी, क्या है ये लिली पैडिंग Trend

आज की ये Gen Z जेनरेशन एक ही कंपनी में सालों काम करना सफलता नहीं मानती। अब तो उन्होंने एक नया जॉब ट्रेंड भी चला दिया है। इसका नाम नाम लिली पैडिंग। इस ट्रेंड में ये युवा बेहतर मौके, नई स्किल्स, ज्यादा अच्छा इंक्रीमेंट और करियर ग्रोथ के पीछे भाग रहे हैं। इसका मकसद है कि वो अच्छी जॉब, अच्छी स्किल से अपने फ्यूचर को सिक्योर करें ताकि आने वाले समय में उन्हें कोई दिक्कत न हो।
क्या है लिली पैडिंग?
जेनजी के इस नए लिली पैडिंग ट्रेंज का मतलब है एक मेढक की एक कमल के पत्ते से दूसरे कमल के पत्ते पर छलांग लगाना। ठीक सी तरह आज की ये जेन जी जनरेशन कर रही है यानी एक कंपनी से दूसरी कंपनी में जाना। इसलिए इसे लिली पैडिंग कहा जाता है। लेकिन अगर करियर के दृष्टिकोण से देखें तो ये अपने अगले लक्ष्य तक पहुंचने का एक नया तरीका है। हर बदलाव के पीछे कुछ नई चीज़ सीखना और जानने का नया तरीका है।
दरअसल आज के युवा को सिर्फ स्थायी नौकरी नहीं, बल्कि करियर ग्रोथ, बैलेंस लाइफ, मेंटल पीस और अच्छी सैलरी की तलाश रहती है। AI, बदलती तकनीक और बदलते जॉब मार्केटिंग, नई स्किल्स सीखने को मजबूर कर रही है। इसी वजह से वे एक जॉब पर ना रह कर दूसरे जॉब एक्सचेंज कर लेते है।
क्या है लिली पैडिंग से फायदा?
लिली पैडिंग से कम समय में अलग-अलग क्षेत्रों का अनुभव मिलता है। नई स्किल्स और प्रोफेशनल नेटवर्क तेजी से बढ़ता है। बेहतर वेतन और पद मिलने की सम्भावना रहती है। बदलते मार्केट के अनुसार खुद को अपडेट रखना चाहिये। लेकिन हर बार नौकरी बदलना सही भी नहीं माना जाता।
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नुकसान भी बहुत है
दरअसल जानकारों का मानना है कि अगर बिना किसी लक्ष्य के बार-बार नौकरी बदली जाए, तो इसका नकारात्मक असर भी पड़ सकता है। इससे आपकी इमेज पर असर पड़ता है, अगली कंपनी आपका सीवी देखकर ये अंदाजा लगाती है कि आप कहीं पर भी टिक कर काम नहीं कर सकते। इसका कारण वो आपकी पिछली कंपनी में निराशाजनक परफार्मेंस को भी मानने लगते हैं।
करियर एक्सपर्ट के मुताबिक अगर हर नौकरी बदलाव से आप कुछ नया सीख रहे है, नई जिम्मेदारी, सैलरी इंक्रीमेंट है तो आप लिली पैडिंग कर सकते हैं। लेकिन बार-बार नौकरी बदलना सही नहीं है। Gen Z के लिए करियर अब एक सीधी सीढ़ी नहीं, बल्कि कई पड़ावों की यात्रा बन चुका है। 'लिली पैडिंग' इसी बदलती सोच का प्रतीक है, जहां नौकरी बदलना मजबूरी नहीं, बल्कि सोच-समझकर लिया गया करियर फैसला माना जा रहा है।
कंटेंट- नेहा कुमारी
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