क्या आप भी गोद में लैपटॉप रखकर करते हैं काम? कैंसर समेत हो सकती हैं गंभीर बीमारियां

आज के डिजिटल दौर में ऑफिस हो या घर, लोग घंटों तक लैपटॉप पर काम करते हैं। सुविधा के लिए कई लोग लैपटॉप को गोद या पेट पर रखकर इस्तेमाल करते हैं। लेकिन ऐसा करने से कैंसर समेत कई गंभीर बीमारियां पैदा हो रही हैं। पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर तो वहीं महिलाएं बांझपन का शिकार हो रही है।
जानकारों का कहना है कि लैपटॉप से निकलने वाला इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन इतना शक्तिशाली नहीं होता कि वह डीएनए को नुकसान पहुंचाकर कैंसर का कारण बन सके। इसलिए वर्तमान मेडिकल रिसर्च के आधार पर लैपटॉप के उपयोग और प्रोस्टेट कैंसर के बीच कोई सीधा संबंध नहीं हुआ है।
फिर गोद में लैपटॉप रखने से मना क्यों किया जाता है?
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर लैपटॉप गर्म हो जाता है। यदि इसे लगातार गोद में रखकर इस्तेमाल किया जाए, तो अंडकोष का तापमान सामान्य से ज्यादा हो सकता है।
कुछ रिसर्च में पाया गया है कि लंबे समय तक बढ़ा हुआ तापमान शुक्राणुओं की संख्या, उनकी गतिशीलता (Motility) और गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। हालांकि इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि हर व्यक्ति में बांझपन या कैंसर हो जाएगा। फिर भी एहतियात के तौर पर लैपटॉप को टेबल या डेस्क पर रखकर इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।
क्या महिलाओं में मिसकैरेज का खतरा बढ़ता है?
अब तक के वैज्ञानिक अध्ययनों में ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है कि गोद या पेट पर लैपटॉप रखकर काम करने से महिलाओं में गर्भपात (Miscarriage) का खतरा बढ़ जाता है।
इसलिए लैपटॉप को सीधे पेट पर रखने के बजाय टेबल या डेस्क पर रखकर इस्तेमाल किया जाए। इसका लैपटॉप से निकलने वाली गर्मी है, जो लंबे समय तक शरीर के एक हिस्से पर महसूस हो सकती है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
क्या हो सकते हैं नुकसान?
कमर, गर्दन और कंधों में दर्द, आंखों में जलन, सूखापन और थकान, त्वचा पर लगातार गर्मी के कारण हल्के दाग या रैशेज हो सकते हैं।
लैपटॉप को हमेशा टेबल या डेस्क पर रखें। जरूरत हो तो लैपटॉप स्टैंड या कूलिंग पैड का यूज़ करें। हर 30–40 मिनट बाद 2–5 मिनट का ब्रेक लें, ताकि ज्यादा हीट आपको फील ना हो। काम करते समय सही तरीके से और स्क्रीन आंखों के बीच थोड़ा डिस्टेंस रखे जिससे आपके आंखों में जलन नहीं होगी।
कंटेंट- नेहा कुमारी
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