मानगढ़ धाम और भील प्रदेश की मांग पर BAP विधायकों का विधानसभा परिसर में धरना

Rajasthan Vidhansabha BAP MLA: राजस्थान विधानसभा सत्र के पहले दिन भारत आदिवासी पार्टी यानी BAP के विधायकों ने अपनी पारंपरिक वेशभुषा में जोरदार प्रदर्शन किया। मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने और अलग 'भील प्रदेश' की मांग उन्होंने उठाई। दरअसल हाल ही में केंद्र सरकार ने संसद में मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने से इनकार कर दिया था, तब से आदिवासी संगठनों और BAP में भारी आक्रोश है।
मानगढ़ को राष्ट्रीय स्मारक घोषित ना करना पीड़ादायक
धरियावद से BAP MLA ने कहा कि लोकसभा में केंद्र सरकार का ये कहना कि मानगढ़ धाम राष्ट्रीय स्मारक घोषित किए जाने योग्य नहीं है, अत्यंत पीड़ादायक, दुर्भाग्यपूर्ण और हमारे वीर शहीदों का अपमान है। ये केवल एक ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि आदिवासियों की अस्मिता, संस्कृति और स्वाभिमान का प्रतीक है।
सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव के समय आदिवासी समाज के सम्मान और मानगढ़ धाम के विकास को लेकर बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार अपनी बात से पूरी तरह मुकर गई है।
मांग पूरी ना हुई तो सड़क पर होगा जनांदोलन
भील प्रदेश की मांग को लेकर कहा कि भील प्रदेश हमारा अधिकार है, हम इसे लेकर रहेंगे। आजादी के बाद आदिवासियों के इस क्षेत्र को चार राज्यों राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में बांटकर जनता के साथ अन्याय किया गया, जिसे एकजुट करना जरूरी है।
विधायकों ने दो टूक शब्दों में सरकार को चेताया कि ये लड़ाई अब थमने वाली नहीं है। अगर मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा नहीं दिया गया और भील प्रदेश की मांग पर विचार नहीं हुआ, तो वे विधानसभा से लेकर सड़कों तक उग्र जनआंदोलन करेंगे।
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