लाठीचार्ज और वाटर कैनन के बीच शैम्पू से नहाने लगे प्रदर्शनकारी! बैरिकेडिंग तोड़ी, BPSC छात्रों का पटना में बवाल

Bihar BPSC Protest, Lathicharge and Water Cannon: बिहार में BPSC और शिक्षक भर्ती की परीक्षाओं के खिलाफ चल रहा छात्रों का आंदोलन मंगलवार को उस वक़्त अचानक भड़क गया, जब गांधी मैदान से सैकड़ों अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए CM हाउस की तरफ मार्च शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।
पुलिस ने किया लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का प्रयोग
छात्रों को रोकने के लिए जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे पर पुलिस बल और CRPF जवानों की भारी तैनाती की गई थी। छात्र बैरिकेडिंग तोड़ते हुए डाकबंगला तक पहुंच गए, जहाँ पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। लेकिन वॉटर कैनन से छात्र तितर-बितर होने के बजाय पुलिस को चुनौती देते हुए शैम्पू निकालकर नहाने लगे। साथ ही, मौके पर एक बंकर गाड़ी भी बुलाई गयी।
पुलिस और छात्र हुए घायल
पुलिस के अनुसार, इसी दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा पत्थरबाजी भी की गयी, जिसमें टाउन डीएसपी कामाख्या नारायण सिंह घायल हुए और कई पुलिसकर्मियों को चोटें आईं हैं। वहीं, वॉटर कैनन से कुछ छात्रों के घायल होने और एक छात्रा के बेहोश होने की खबर है। घटनास्थल से पुलिसकर्मियों ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
क्या है प्रदर्शन की मांग
बीते काफी वक़्त से BPSC की परीक्षाओं में गड़बड़ियाँ नज़र आ रही थी। इन्हीं के खिलाफ छात्रों ने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंत में छात्र धरने पर बैठे, जिसमें उन्होंने 70वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने, TRE-4 को एक चरण में कराने, शिक्षक भर्ती में नेगेटिव मार्किंग हटाने, रिक्त पद बढ़ाने और 100 प्रतिशत डोमिसाइल नीति लागू करने जैसी मांगें सरकार के सामने रखीं हैं। साथ ही, लंबित चल रही भर्ती परीक्षाओं के लिए एक ठोस परीक्षा कैलेंडर और उम्र सीमा में छूट की भी मांग सामने रखी गयी है।
BPSC एग्जाम कंट्रोलर के खिलाफ आक्रोश
इसी बीच प्रदर्शनकारी छात्र BPSC परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह के उस विवादित बयान को लेकर भी काफी आक्रोशित नज़र आए, जिसमें उन्होंने BPSC और छात्रों के लिए “हाथी चले बाज़ार, तो कुत्ते भौंके हज़ार” जैसे मुहावरे का इस्तेमाल किया।
इस पर गुस्साए छात्रों ने कहा कि एक बार कॉकरोच बोलने पर प्रधान जी चले गए थे, अब कहीं कुत्ता बोलने पर सचिव की कुर्सी खाली न हो जाए। आक्रोश बढ़ने के बाद राजेश ने वीडियो जारी कर माफी भी मांगी। साथ ही, मुख्यमंत्री ने उन्हें निलंबित करने के निर्देश भी दिए हैं।
आंदोलन 18 अगस्त से गर्दनीबाग में जारी है और छात्र नेताओं का कहना है कि वे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी या शिक्षा मंत्री से सीधे बातचीत चाहते हैं।
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