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BRICS Summit 2026: दिल्ली में जुटे 11 देशों के नेता, 7 साल बाद भारत आए शी जिनपिंग, चर्चा में क्यों ब्लैक कार?

BRICS Summit 2026: दिल्ली में जुटे 11 देशों के नेता, 7 साल बाद भारत आए शी जिनपिंग, चर्चा में क्यों ब्लैक कार?
राष्ट्रीय
12 Sept 2026, 03:01 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आज सबसे अहम दिन है। भारत की मेजबानी में हो रहे इस सम्मेलन में दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के 11 सदस्य देशों के नेता और प्रतिनिधि दिल्ली में जुटे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली बैठकों में वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, तकनीक, बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार और दुनिया में बढ़ते संघर्षों जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है।

लेकिन इस पूरे सम्मेलन में सबसे ज्यादा नजर भारत और चीन की कूटनीति पर है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग करीब 7 साल बाद भारत पहुंचे हैं। उनका ये दौरा ऐसे समय हो रहा है जब 2020 के गलवान संघर्ष के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव रहा है, लेकिन पिछले कुछ समय से दोनों देशों ने संबंधों को सामान्य करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

7 साल बाद दिल्ली पहुंचे शी जिनपिंग

शी जिनपिंग शनिवार को नई दिल्ली पहुंचे। पालम एयरफोर्स स्टेशन पर उनका औपचारिक स्वागत किया गया। इसके बाद भारत मंडपम में पीएम नरेंद्र मोदी ने हाथ मिलाकर बेहद गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। भारत में उनकी पिछली यात्रा 2019 में हुई थी। इसके बाद 2020 के सीमा विवाद और गलवान संघर्ष के चलते भारत-चीन संबंध बेहद तनावपूर्ण दौर में चले गए थे।

Chinese Prez Xi welcomed by PM Modi at BRICS summit; Indian PM explained to him about the iconic Ramanathaswamy Temple in Rameswaram, Tamil Nadu. pic.twitter.com/PpYOhNUvRU
— Sidhant Sibal (@sidhant) September 12, 2026

China President Xi Jinping arrives in Delhi ahead of BRICS Summit 2026 pic.twitter.com/6yhQJSxltI
— The Indian Idiot (@theindianidiot) September 12, 2026

अब करीब 7 साल बाद उनका भारत आना दोनों देशों के रिश्तों में संभावित नई शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की BRICS से इतर द्विपक्षीय मुलाकात भी प्रस्तावित है। ये पिछले कुछ सालों में दोनों नेताओं के बीच होने वाली अहम और बड़ी मुलाकातों में से एक होगी।

Chinese President Xi Jinping reaches BRICS Delhi summit venue.#Chinese #BRICS pic.twitter.com/myVK57PUHz
— Ravinder Singh (@ravindraJourno) September 12, 2026

शी की ‘ब्लैक कवर’ वाली कार क्यों चर्चा में?

दिल्ली पहुंचने के बाद शी जिनपिंग जिस खास काली लिमोजिन में रवाना हुए, उसने भी खूब ध्यान खींचा। ये सामान्य कार नहीं बल्कि चीन के टॉप लीडरशिप के लिए इस्तेमाल की जाने वाली Hongqi N701 बख्तरबंद लिमोजिन है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस कार को चीन के राष्ट्रपति की सुरक्षा और आधिकारिक यात्राओं के लिए खास तौर से डिजाइन किया गया है। इसकी बॉडी में भारी सुरक्षा कवच है और इसे बुलेट समेत दूसरे सुरक्षा खतरों से बचाव के लिए डिजाइन किया गया है। यही वजह है कि शी की गाड़ी पर काले रंग का खास कवर और उसकी सुरक्षा व्यवस्था चर्चा का विषय बनी।

Xi's highly secretive armored stretch limo motorcade COVERED in BLACK MATERIAL https://t.co/c18xIPKGXO pic.twitter.com/rH6U3Oaxsk
— RT (@RT_com) September 12, 2026

ये कार चीन के लिए सिर्फ एक गाड़ी नहीं है बल्कि राष्ट्रपति पद की सुरक्षा और प्रतिष्ठा का प्रतीक भी मानी जाती है। इसे चीन के सरकारी नेतृत्व के लिए आरक्षित रखा जाता है। इसकी तुलना अक्सर अमेरिकी राष्ट्रपति की आधिकारिक कार 'द बीस्ट' से की जाती है। दिलचस्प बात ये भी है कि रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब चीन गए थे, तब उन्होंने भी इसी तरह की आधिकारिक चीनी लिमोजिन में यात्रा की थी।

अब तक कौन-कौन से नेता दिल्ली पहुंचे?

BRICS के प्रमुख नेताओं में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी शामिल हैं।

इसके अलावा मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद और संयुक्त अरब अमीरात के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान समेत कई नेता और वरिष्ठ प्रतिनिधि भी दिल्ली पहुंच चुके हैं।

BRICS में अब कुल 11 सदस्य हैं—ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया और संयुक्त अरब अमीरात समेत विस्तारित समूह के सदस्य देश।

आज क्या-क्या होगा?

शनिवार यानी 12 सितंबर के कार्यक्रम में BRICS नेताओं की बैठकें सबसे अहम हैं। इसके अलावा नेताओं का ग्रुप फोटो सेशन, 'भारत इनोवेट्स' प्रदर्शनी का दौरा और संयुक्त पौधरोपण कार्यक्रम भी कार्यक्रम का हिस्सा है। शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से विदेशी नेताओं के सम्मान में गाला डिनर (GALA Dinner) आयोजित किया जाएगा।

इसके साथ ही सम्मेलन से इतर कई द्विपक्षीय बैठकें भी चल रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) की शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ अहम मुलाकातें हुईं। मोदी-पुतिन वार्ता में व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, तकनीक, महत्वपूर्ण खनिज और यूक्रेन संकट जैसे मुद्दे चर्चा में रहे।

भारत-चीन रिश्तों के लिए भी बड़ा दिन

शी जिनपिंग की भारत यात्रा को सिर्फ BRICS बैठक के नजरिए से नहीं देखा जा रहा। ये भारत-चीन संबंधों के लिए भी महत्वपूर्ण है।

गलवान संघर्ष के बाद दोनों देशों ने सीमा पर तनाव कम करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। अक्टूबर 2024 में सीमा पर एक महत्वपूर्ण समझ बनी और इसके बाद दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क, वीजा और उच्चस्तरीय संवाद को धीरे-धीरे बहाल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। हालांकि सीमा विवाद, व्यापार असंतुलन और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा अब भी दोनों देशों के रिश्तों की बड़ी चुनौतियां हैं। ऐसे में मोदी-शी मुलाकात में सीमा, व्यापार, निवेश, सीधी उड़ानों और दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने जैसे मुद्दे अहम हो सकते हैं।

पुतिन और पेजेश्कियान भी अहम कड़ी

BRICS में रूस और ईरान की मौजूदगी के कारण पश्चिम एशिया और यूक्रेन संकट भी चर्चा के केंद्र में है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हो चुकी है। वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ भारत की बातचीत पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट के बीच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


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