‘मुझे जिंदा जलाने की तैयारी थी’ चंद्रशेखर रावण का बाराबंकी कांड पर बड़ा आरोप

उत्तर प्रदेश की राजनीति से इस वक्त की बेहद सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आ रही है। आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने गोंडा जाने के रास्ते में बाराबंकी में रोके जाने, धक्कामुक्की और पथराव के बाद एक बेहद खौफनाक और बड़ा खुलासा किया है। चंद्रशेखर आजाद का सीधा आरोप है कि एक फार्म हाउस में उनकी बाकायदा हत्या करने की साजिश रची गई थी। बोतल में पेट्रोल-डीजल लेकर घूम रहे लोग उनकी कार को जिंदा जलाने की तैयारी में थे और इस पूरी साजिश की उनके पास पुख्ता सूचना है।
विनोद साहनी हत्याकांड मामले में मिलने जा रहे थे 'रावण'
दरअसल गोंडा में विनोद साहनी की निर्मम हत्या के बाद उनके पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे सांसद चंद्रशेखर आजाद को यूपी पुलिस ने बाराबंकी में ही रोक दिया था। इसी दौरान पुलिस प्रशासन और उनके समर्थकों के बीच तीखी बहस और धक्कामुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया और आरोप है कि इसी धक्कामुक्की के बीच कुछ बाहरी असामाजिक तत्वों ने उनके समर्थकों के साथ बुरी तरह मारपीट की और उनके काफिले पर जमकर पथराव भी किया गया। दिन के उजाले में एक जनप्रतिनिधि, जिसे सवा पांच लाख से ज्यादा जनता ने चुनकर संसद भेजा है, उसके साथ हुए इस बर्ताव ने सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन के दावों की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं।
मौत से डरने वाला नहीं- 'रावण'
घटना के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने एक वीडियो में चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि जब विरोधी उन्हें राजनीतिक रूप से रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं, तब इस तरह की हत्या की साजिशें रची जा रही हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आरक्षण का मुद्दा हो या यूजीसी का मामला, रामलखन मौर्य हत्याकांड हो या कौशांबी में बेटी के साथ हुआ अत्याचार, हर जगह सिर्फ वही मुखर होकर पीड़ितों की आवाज उठा रहे हैं।
इशारों ही इशारों में अपने विरोधियों को खुली चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि वे मौत से डरकर जीने वालों में से नहीं हैं, लेकिन अगर विरोधी अपनी इस घटिया साजिश में कामयाब नहीं हुए, तो उत्तर प्रदेश में गुंडों को सीधे पलायन करने पर मजबूर होना पड़ेगा। सांसद चंद्रशेखर आजाद ने योगी सरकार से इस पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय और पारदर्शी जांच कराने की पुरजोर मांग की है ताकि साजिश रचने वाले चेहरों को बेनकाब किया जा सके। सांसद पर हुए इस हमले और उनके गंभीर आरोपों के बाद से उत्तर प्रदेश की सियासत पूरी तरह गरमा गई है और पुलिस प्रशासन बैकफुट पर नज़र आ रहा है।
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