आजादी के दिन भी JPSC-JSSC आंदोलन जारी! लेकिन महतो को तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोका

Jharkhand Student Protest: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर चल रहा आंदोलन स्वतंत्रता दिवस के दिन भी जारी रहा। लेकिन इस आन्दोलन में भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें तिरंगा यात्रा और ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होने से रोक दिया।
देवेन्द्र नाथ महतो पिछले 14 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। 2 अगस्त से उन्होंने अपना अनशन शुरू किया था, जिसके कुछ दिनों बाद तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद विधानसभा घेराव के दिन भी महतो स्ट्रेचर पर ही प्रदर्शन स्थल पहुंचे थे, जहाँ प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ था और पुलिस ने लाठीचार्ज के साथ आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था।
पुलिस ने बाहर निकलने से रोका
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर महतो ने आरोप लगाया कि उन्हें तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोका गया है। महतो का कहना है कि उन्होंने रांची में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर झंडा फहराने और तिरंगा यात्रा में शामिल होने की इच्छा जताई थी, जिसके बाद हॉस्पिटल में उनके कमरे के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए। “आखिर यह कैसी आज़ादी है?”
जब महतो ने अपने कमरे से निकालकर यात्रा में शामिल होने की कोशिश की, तो पुलिस ने बलपूर्वक उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, तो उन्हें तिरंगा यात्रा में शामिल होने से क्यों रोका जा रहा है।
छात्रों को दी चेतावनी
इससे पहले भी महतो ने आंदोलनकारियों को सतर्क किया था। उनका कहना था कि कुछ बाहरी तत्व आंदोलन को बिगाड़ने और छात्रों की एकता कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में कहा कि सरकार JPSC और JSSC की परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए व्यवस्था में बदलाव पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं का सरकार पर भरोसा उनके लिए ज़रूरी है।
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