झारखंड प्रदर्शन में वाटर कैनन पर नाचे छात्र, बीजेपी नेता लिए हिरासत में

पिछले 17 दिनों से झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्र प्रदर्शन पर बैठे हैं। आंदोलन के 17वें दिन हजारों छात्र इकठ्ठा होकर रांची में मार्च निकालकर विधानसभा का घेराव करने निकले थे, जिस दौरान प्रदर्शन थोडा भड़क गया। प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। बड़ी बात ये रही कि वाटर कैनन छोड़ने पर छात्र बिखरने के बजाय पानी पर नाचने लगे।
छात्र पहुंचे विधानसभा का घेराव करने
विधानसभा मार्च सुबह करीब 10:30 बजे शुरू हुआ, जिसमें छात्र JPSC-JSSC की परीक्षाओं को रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने कई जगह पर बैरिकेडिंग की थी, जिसे पार करते हुए प्रदर्शनकारी विधानसभा के करीब पहुंच गए।
वॉटर कैनन पर नाचे छात्र
जब छात्र आखिरी सुरक्षा घेरे को पार करने की कोशिश करने लगे, तो पुलिस ने पहले तो वाटर कैनन चलाई। लेकिन प्रदर्शनकारियों की भीड़ वाटर कैनन पर झूमकर नाचने लगी।
पानी के बावजूद कई छात्र बैरिकेडिंग पर चढ़ने लगे। बाद में पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस चलाकर कर भीड़ को पीछे खदेड़ा। मौके पर कुछ छात्रों के घायल होने की भी खबर सामने आई है।
देवेन्द्रनाथ महतो एम्बुलेंस में पहुंचे
आंदोलन मार्च में नौ दिन से भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्रनाथ महतो भी एंबुलेंस से पहुंचे। वहीं JLKM विधायक जयराम महतो ने भी JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने की बात कही।
CM आवास पर धरना दे रहे बीजेपी नेता हिरासत में
दूसरी तरफ, बीजेपी के कुछ नेता भी छात्रों के समर्थन में उतरे और उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के बाहर धरना देना शुरू कर दिया। पुलिस ने CM आवास के बाहर बैठे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया।
इस बीच CID ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते को भी गिरफ्तार कर लिया। ख्यांगते ने 21 जुलाई को JPSC कार्यालय में छापेमारी के बाद पद से इस्तीफा दिया था।
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