हरिद्वार से कांवड़िए चले गए, पीछे छोड़ गए 7 हजार टन कचरा! महिलाओं के चेंजिंग रूम में पेशाब भरी बोतलें

Kanwar Yatra 2026: सावन की शुरुआत होने पर करोड़ों की संख्या में लोगों ने कांवड़ यात्रा शुरू कर दी, लेकिन धर्म की यात्रा के पीछे सभी अपने पीछे छोड़ गए हज़ारों टन कचरा।
बीते 12 दिन चली इस बार की कांवड़ यात्रा के बाद हरिद्वार के गंगा घाटों पर भारी मात्रा में कचरा जमा हो गया है। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, इस बार के सावन में करीब 4.80 करोड़ कांवड़िए हरिद्वार पहुंचे, जिन्होंने यात्रा के दौरान लगभग 7 हजार मीट्रिक टन कचरा फैला दिया। इसका सबसे ज्यादा असर हरकी पैड़ी में दिखाई दिया, जहां पर घाट और श्रद्धालुओं के बैठने की तक जगह पूरी तरह कचरे का ढेर बन गई। साथ ही, महिलाओं के चेंजिंग रूम में पेशाब से भरी बोतलों और घाटों पर जूते-चप्पलों का ढेर लग गया है।
नगर निगम का कहना है कि डाक कांवड़ के शुरू होने के सिर्फ दो ही दिनों में शहर में करीब 1700 मीट्रिक टन कचरा जमा हो गया था। और 12 दिनों में कांवड़िये 7 हज़ार मीट्रिक टन से ज्यादा कचरा घाटों और आसपास के इलाकों में फैला कर चले गए। पूरे कचरे की सफाई के लिए निगम ने 1000 सफाई कर्मचारियों को आउटसोर्स किया है और 80 से अधिक वाहनों को काम पर लगा दिया है।
लेकिन ये सिर्फ बाहर की तस्वीर है। इसी के साथ ही, महिलाओं के चेंजिंग रूम और वॉशरूम में भी पेशाब से भरी बोतलों का जमावड़ा लग गया है। घाटों पर आसपास के इलाके जूते-चप्पलों के ढेर से भरे पड़े हैं।
इस पूरे कचरे की सफाई के लिए निगम ने 12 से 18 अगस्त तक एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाने का फैसला किया है। सफाई के दौरान इकठ्ठा किए कचरे को ट्रीटमेंट प्लांट भेजकर अलग किया जाएगा और इनमें से जो भी चीज़ रिसाइकिल होने लायक होगी, उसे रीसाइक्लिंग के लिए प्राइवेट कंपनियों में भेजा जाएगा।
इस बार सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। भीड़ वाले इलाकों में गंदगी के हॉटस्पॉट चिन्हित कर वहां तुरंत सफाई कराई जा रही है। इसके अलावा प्लास्टिक कचरा कम करने के लिए ग्रीन चौकियां और स्वच्छता दूत भी तैनात किए गए हैं।
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