होम/national/neet-paper-leak-protest-supreme-court-students-fir-order

जंतर मंतर प्रदर्शन : सरकार FIR वापस लेने को राज़ी, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- गंभीर केस वाली 2700 FIR नहीं हटेंगी

जंतर मंतर प्रदर्शन : सरकार FIR वापस लेने को राज़ी, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- गंभीर केस वाली 2700 FIR नहीं हटेंगी
राष्ट्रीय
03 Aug 2026, 07:34 pm
रिपोर्टर : Dushyant

Supreme Court Hearing on Jantar Mantar Protest: नीट पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े मामलों में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। केंद्र सरकार ने अदालत को स्पष्ट किया कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान गंभीर अपराधों में शामिल 2700 से अधिक लोगों पर दर्ज FIR वापस नहीं ली जाएंगी।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच के सामने कहा कि सरकार अपने वादे पर अटल है। छात्रों पर कोई एफआईआर नहीं होगी। कॉकरोच जनता पार्टी के 36 दिन चले प्रदर्शन को लेकर सरकार ने तीन मांगें मान ली थीं, जिनमें से एक यह भी थी कि प्रदर्शनकारियों पर कोई केस नहीं चलेगा।

राज्य सरकारें भी वापस ले सकेंगी FIR

यहाँ पर अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली और अन्य राज्यों की सरकारें उन छात्रों के खिलाफ एफआईआर वापस लेने के लिए स्वतंत्र हैं, जिन पर पहले से या प्रदर्शन के दौरान कोई गंभीर अपराध करने का आरोप नहीं है। जुलाई 28 के आदेश में जिस ‘क्रिमिनल एंटीसीडेंट’ का ज़िक्र था, उसका मतलब अब गम्भीर अपराधों से लिया जाएगा।

गंभीर अपराधियों को कोई माफ़ी नहीं

लेकिन प्रदर्शन के दौरान जिन्होंने हिंसा भड़काने और मारपीट जैसे गंभीर अपराध किये हैं, उन्हें किसी भी तरह की राहत नहीं दी जाएगी। गंभीर मामलों में 2700 से अधिक लोगों पर जो FIR दर्ज है, उन्हें वापस नहीं लिया जाएगा।

पुलिस वालों को भी नहीं बचाया जाएगा

इसी के साथ ही, बेंच ने यह भी कहा कि प्रदर्शन के दौरान अगर किसी पुलिस वाले ने भी जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया है, तो उसे भी बेवजह बचाया नहीं जाना चाहिए। साथ ही, छात्र प्रदर्शन की आड़ में किसी कुख्यात अपराधी को भी नहीं छोड़ा जाना चाहिए।

पेलेट गन पर भी होगी सख्ती

20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी घायल हुए थे। याचिकाओं में पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्ण व्यवहार करने और पेलेट गन का इस्तेमाल करने के आरोप लगाए गए हैं। अदालत ने कहा कि वह पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर भी जल्द प्रोटोकॉल तय कर सकती है।

मामले को लेकर अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी। अदालत कई राज्यों से भी जवाब का इंतजार कर रही है।


इस लिंक को शेयर करें

ads

लेटेस्ट खबरें

ads
© 2026 Bharat Raftar. All rights reserved. Powered By Zentek.