इतने बेखौफ कि NEET Re Exam का भी पेपर बेच रहे, 10 लाख रुपए से शुरू कर रहे बोली

NEET Re Exam: राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को लेकर जारी विवादों के बीच एक नया साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) केस सामने आया है। National Testing Agency (NTA) के री-एग्जाम आयोजित किए जाने के ऐलान और पेपर लीक को लेकर संदेह के बीच अहमदाबाद में एक शिकायत दर्ज की गई है जिसमें आरोप है कि कुछ धोखेबाजों ने सोशल मीडिया और टेलीग्राम समूहों पर NEET री-एग्जाम के पेपर को लीक दावा करके लोगों से भारी रकम वसूली का कोशिश की गई है।
पूरा मामला क्या है?
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कई टेलीग्राम चैनल और सोशल मीडिया प्रोफाइलों पर NEET 2026 के री-एग्जाम का कथित लीक पेपर बेचा जा रहा था, जिसकी कीमत लगभग 10 लाख रुपए तक बताई जा रही थी। इस फ्रॉड में लोगों से पहले राशि जमा करवाने के बाद पेपर उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा था। जो छात्र या परिजन इन चैनलों पर भरोसा कर रहे थे, उन्हें इस मामले में धोखा देने की कोशिश की गई।
खासतौर पर ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी लिंक और डेटाबेस का इस्तेमाल कर ये दावा फैलाया गया कि री-NEET 2026 के प्रश्न पत्र तैयार कर दिए गए हैं और आउट होने वाले पेपर के नमूने उपलब्ध हैं — जबकि आधिकारिक तौर पर NEET पेपर लीक की पुष्टि या अधिकारिक दस्तावेज़ जारी ही नहीं हुए हैं।
NEET पेपर लीक विवाद अभी भी जारी
इससे पहले NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों की वजह से परीक्षा को रद्द किया गया और री-एग्जाम की तारीख घोषित की गई थी। परीक्षा अनुशासन और पेपर सुरक्षा की समीक्षा के चलते सरकार तथा CBI की जांच का दायरा बढ़ गया है। अभी तक CBI ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया है।
आधिकारिक एजेंसियों ने भी चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर NEET पेपर के नाम पर फैल रहे क्लेम कई बार फर्जी या धोखाधड़ी की कोशिश होते हैं, और उम्मीदवारों को केवल अधिकृत सोर्स से ही सूचना लेने के लिए कहा गया है।
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