PM Modi Birthday: मोदी के 12 साल, योजनाओं और उपलब्धियों का सफर, एक रुपए के भ्रष्टाचार के आरोप नहीं

17 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में जन्मे नरेंद्र मोदी स्वतंत्र भारत में जन्म लेने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री हैं। वडनगर से शुरू हुआ उनका राजनीतिक सफर गुजरात के मुख्यमंत्री पद से होते हुए देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचा।
26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद 2019 और 2024 में लगातार तीसरी बार उनकी सरकार बनी। 10 जून 2026 को मोदी लगातार 4,399 दिन प्रधानमंत्री पद पर रहने के साथ भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बने। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा।
12 साल के इस सफर में जनधन योजना, डिजिटल भुगतान, स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला योजना, पीएम-किसान, आवास, इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इंडिया, अंतरिक्ष और वैश्विक कूटनीति जैसे कई क्षेत्रों में बड़े बदलाव और योजनाएं चर्चा में रही हैं।
UPA के दौर के बड़े घोटालों से मोदी सरकार तक
2014 से पहले UPA सरकार के कार्यकाल में 2G स्पेक्ट्रम और कोयला ब्लॉक आवंटन जैसे मामले देश की राजनीति में बड़े मुद्दे बने थे।
CAG की 2012 की रिपोर्ट में कोयला ब्लॉक आवंटन की प्रक्रिया में पारदर्शिता और वस्तुनिष्ठता से जुड़ी कमियों का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट ने 2004 के बाद किए गए कोयला ब्लॉक आवंटनों की प्रक्रिया का ऑडिट किया था।
2G स्पेक्ट्रम आवंटन भी उस दौर का प्रमुख राजनीतिक और कानूनी विवाद रहा। वहीं बोफोर्स मामला भी भारतीय राजनीति में भ्रष्टाचार के आरोपों और लंबे समय तक चले विवाद के प्रमुख उदाहरणों में शामिल रहा।
इसके बाद 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में NDA सरकार सत्ता में आई और भ्रष्टाचार रोकने तथा सरकारी योजनाओं में लीकेज कम करने के लिए Direct Benefit Transfer, जनधन खातों और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया गया।
जनधन से UPI तक बदली डिजिटल अर्थव्यवस्था
प्रधानमंत्री जनधन योजना अगस्त 2014 में शुरू हुई थी। इसका उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं से वंचित लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना था।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 25 फरवरी 2026 तक देश में 57.78 करोड़ जनधन खाते खोले जा चुके थे, जिनमें करीब 56 फीसदी खाते महिलाओं के नाम पर थे। इन खातों में कुल जमा राशि करीब 2.94 लाख करोड़ रुपये थी।
इसी के साथ डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में UPI ने भारत की तस्वीर बदल दी। सरकार के अनुसार 2022 में UPI के जरिए 7,400 करोड़ से ज्यादा डिजिटल ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू करीब 126 लाख करोड़ रुपये थी।
सरकार का दावा है कि जनधन, आधार और मोबाइल के जरिए सरकारी लाभ को सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने से बिचौलियों की भूमिका कम करने में मदद मिली।
स्वच्छ भारत से उज्ज्वला तक
मोदी सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों में स्वच्छ भारत मिशन भी शामिल रहा। 2023 के सरकारी आंकड़ों के अनुसार स्वच्छ भारत मिशन के तहत 11.7 करोड़ घरेलू शौचालय बनाए जा चुके थे। बाद के सरकारी अपडेट में ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए गए घरेलू शौचालयों की संख्या 2026 तक और बढ़ने की जानकारी दी गई।
उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में हुई थी। इसका उद्देश्य गरीब परिवारों की महिलाओं को LPG कनेक्शन उपलब्ध कराना था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार मई 2026 तक 10.55 करोड़ से ज्यादा उज्ज्वला कनेक्शन जारी किए जा चुके थे।
किसानों के लिए PM-KISAN
किसानों को सीधे आर्थिक सहायता देने के लिए फरवरी 2019 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि यानी PM-KISAN शुरू की गई। योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये तीन किस्तों में सीधे बैंक खातों में भेजे जाते हैं।
फरवरी 2023 तक सरकार के अनुसार 11 करोड़ से अधिक किसानों को 2.24 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा जारी किए जा चुके थे। बाद के सरकारी आंकड़ों में यह राशि और बढ़ी है।
हाईवे, रेलवे, मेट्रो और एयरपोर्ट पर जोर
मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल में इंफ्रास्ट्रक्चर भी एक प्रमुख फोकस रहा है। हाईवे और एक्सप्रेसवे, रेलवे के विद्युतीकरण और आधुनिकीकरण, मेट्रो नेटवर्क, एयरपोर्ट और क्षेत्रीय हवाई संपर्क जैसे क्षेत्रों में विस्तार हुआ। सरकार ने 2014 के बाद इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार को अपने प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया है। इसके साथ ही वंदे भारत ट्रेन, नए एक्सप्रेसवे और शहरी परिवहन परियोजनाएं भी सरकार के विकास एजेंडे का हिस्सा रही हैं।
डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और अंतरिक्ष
डिजिटल इंडिया से लेकर मेक इन इंडिया तक, सरकार ने टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग को विकास की रणनीति में प्रमुख स्थान दिया। अंतरिक्ष के क्षेत्र में चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग, अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी और G20 की भारत की अध्यक्षता भी मोदी सरकार के कार्यकाल की प्रमुख घटनाओं में रही हैं।
भारत की अर्थव्यवस्था: 10वें से 5वें स्थान तक
आर्थिक मोर्चे पर सरकार के अनुसार भारत 2014 में दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था और 2023 तक 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया। 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों में भारत के 10वें से 5वें स्थान पर पहुंचने का उल्लेख किया गया था। हालांकि किसी भी आर्थिक उपलब्धि का आकलन करते समय GDP, प्रति व्यक्ति आय, रोजगार, महंगाई और असमानता जैसे अलग-अलग संकेतकों को भी देखना जरूरी होता है।
लेकिन इन 12 सालों में पीएम मोदी पर एक रुपए के भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे जो कि उनकी एक सबसे बड़ी उपलब्धि है। उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड के आधार पर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में भ्रष्टाचार के किसी मामले में न्यायिक तौर पर दोषी ठहराए जाने का रिकॉर्ड सामने नहीं आता।
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