लोकसभा में हंगामे के बीच ही पारित हुआ एंटी पेपर लीक विधेयक-2026, राहुल गांधी के पक्ष में नारे लगाते रह गया विपक्ष

लोकसभा में आखिरकार हंगामेदार बहस के बीच ही एंटी पेपर लीक बिल-2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने चर्चा और बहस के बाद पहले तो राहुल गांधी के गृह मंत्री अमित शाह पर लगाए गए आरोपों के जवाब दिए और फिर बिल को पास कराने की प्रस्तावना रखी। जिसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने ध्वनि मत से बिल को पारित करा दिया। ध्वनि मत के दौरान भी विपक्ष जबरदस्त हंगामा कर रहा था और राहुल गांधी के पक्ष में नारेबाजी कर रहा था।
विपक्ष कर रहा राहुल गांधी के बयान का समर्थन
दूसरी तरफ विपक्ष अब राहुल गांधी के अमित शाह पर दिए बयानों का समर्थन कर रहा है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि छात्रों पर पैलेट गन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया, लोगों पर लाठीचार्ज हुआ। विपक्ष को घायलों के बारे में पता चलने से पहले ही लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसकी ज़िम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्रालय की है, क्योंकि पुलिस और सशस्त्र बल उसी के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
वहीं राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने संसद में कहा कि जब इतने अहम बिल पर चर्चा हो रही हो, तो सुझाव देने के बजाय कांग्रेस और विपक्ष इस पर राजनीति कर रहा है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जिस असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया, वह हैरान करने वाली है। मुझे हैरानी होती है कि क्या उन्हें संसदीय कामकाज के बुनियादी नियमों की भी जानकारी है। इस देश के युवाओं को—जो देश का भविष्य हैं, उन्हें वो 'मूर्ख' कह रहे हैं। इससे ज़्यादा दुर्भाग्यपूर्ण और क्या हो सकता है?"
क्या कहा था राहुल गांधी ने?
बुधवार को राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर बिना किसी तथ्य के आरोप लगाया कि उन्होंने पुलिस को बच्चों पर फायरिंग करने के आदेश दिए। उन पर पैलेट गन चलाने के लिए। इससे पहले राहुल गांधी ने ‘इडियट, अंधभक्त’ जैसे शब्दों का इशारों में सत्ता पक्ष के लिए किया। उन्होंने एक छात्रा से बातचीत का जिक्र कर कहा कि उस छात्रा ने इन शब्दों की व्याख्या बता रही है। इस पर बीजेपी ने काफी हंगामा काटा।
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