CJP आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला! जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ी FIR रद्द

Supreme Court Cancelled FIRs of CJP Jantar Mantar Protest: मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन से जुड़ी सभी FIR को रद्द करने का आदेश दे दिया। अदालत ने यह फैसला संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मिली विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए दिया। हालांकि, कोर्ट ने साफ़ किया कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा, मारपीट या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों में कार्रवाई अभी भी जारी रह सकती है।
गंभीर मामलों में नहीं होगी FIR रद्द
सरकार की तरफ से वकील ने अदालत को बताया कि आंदोलन में आपराधिक रिकॉर्ड वाले 2,873 लोग भी जंतर मंतर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे। इनमें से जिन लोगों पर हिंसा के आरोप या शक हैं, उनकी एफ़आईआर वापस नहीं होगी।
FIR वापस लेने का आदेश दिल्ली पुलिस की तरफ से दाखिल अंतरिम आवेदन पर आया। अंतरिम आवेदन में सरकार ने कोर्ट को बताया था कि 25 जुलाई के आदेश के बाद पुलिस CJP के प्रदर्शन से संबंधित 13 FIR में आगे कार्रवाई नहीं करना चाहती।
सिर्फ इस मामले के लिए है यह विशेष आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ किया कि यह फैसला मामले की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए दिया गया है। इसलिए इस आदेश को दूसरे किसी भी मामले के लिए उदाहरण के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
CJP के नेताओं ने बताया इसे छात्रों की जीत
फैसले के बाद CJP ने इसे छात्रों की जीत बताया। पार्टी से जुड़े नेताओं ने कहा कि आंदोलन से संबंधित मुकदमे खत्म होना बड़ी राहत है। दूसरी तरफ, सुनवाई से ठीक पहले CJP ने 5 सितंबर को होने वाले मार्च को भी रद्द कर दिया।
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