मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से झटका, कहा- चुनावी प्रक्रिया में दखल नहीं, कांग्रेस नेताओं का सड़क पर जोरदार प्रदर्शन

कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी उम्मीदवार (Meenakshi Natarajan) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट इसे चुनावी प्रक्रिया में दखल बताया और इससे इनकार कर दिया। कोर्ट ने साफ किया कि चुनाव से जुड़े मामलों में न्यायिक दखल सीमित दायरे में ही किया जा सकता है। अदालत के रुख के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया।
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया शुरू हो जाने के बाद अदालत आमतौर पर उसमें दखल नहीं करती। अदालत ने संबंधित पक्षों को चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उपलब्ध कानूनी उपायों का सहारा लेने की सलाह दी।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद MP में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया। कई जगहों पर प्रदर्शन हुए, जहां कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं, विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखेगी और जनता के बीच जाकर मुद्दों को उठाएगी। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी देखने को मिली।
इधर कोर्ट के फैसले के बाद मीनाक्षी ने कहा कि पहले चुनाव आयोग का दुरुपयोग हो रहा था। वोट चोरी किए जा रहे थे, और अब तो सीट ही चोरी की जा रही है। इस तरह से विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।
देश भर में अभियान चला सकती है कांग्रेस
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के इस रुख के बाद मामला अब कानूनी के साथ-साथ राजनीतिक रूप से भी और अधिक गरमा सकता है। आने वाले दिनों में कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर देशभर में अभियान चला सकती है।
फिलहाल, सुप्रीम Court के फैसले के बाद चुनावी प्रक्रिया पर रोक लगने की संभावनाएं खत्म होती दिखाई दे रही हैं, जबकि कांग्रेस ने अपने विरोध को और तेज करने के संकेत दिए हैं।
क्या था मामला?
दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने के चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज किया है। मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र भरने से पहले ही उनका एक कानूनी नोटिस सामने आ गया। बीजेपी स्क्रूटनी के दिन ही रिटर्निंग ऑफिसर के सामने वो नोटिस का कागज लेकर चले गए जो मीनाक्षी को कोर्ट ने जारी किया था। जो हैदराबाद कोर्ट से जुड़ा हुआ था। बस इसी को आधार बनाकर रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन रद्द कर दिया। जिससे कांग्रेस के हाथ से ये राज्यसभा सीट चली गई।
इस मुद्दे पर बीते दिन कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने दौसा में कहा था कि ये कोई FIR, कोई मामला नहीं था बल्कि एक नोटिस था जो कोर्ट ने भेजा हुआ था। सुप्रीम कोर्ट का साफ फैसला है कि छोटी-मोटी गलती से किसी का नामांकन रद्द नहीं कर सकते।
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