CJI की टिप्पणी पर मचा बवाल! बेरोजगार युवाओं को कहा 'कॉकरोच' और 'परजीवी', सोशल मीडिया हुआ गरम

CJI Suryakant Cockroach Remark: भारत का बेरोज़गार युवा कॉकरोच है, Parasite है और समाज की गन्दगी है, जो सिस्टम पर हमला करता है। सुनने में ये शब्द युवा वर्ग को तीखे ज़रूर लग रहे होंगे, और लगे भी क्यों ना। आखिर बेरोज़गार और युवाओं का इतना बड़ा अपमान है। लेकिन ये अपमान किसी आम जनता ने नहीं किया, ये बेइज्ज़ती भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने की है। सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने बेरोजगार युवाओं को कॉकरोच करार दिया और कहा कि यही बेरोज़गार युवा सोशल मीडिया एक्टिविस्ट और RTI एक्टिविस्ट बनता है और फिर सिस्टम पर हमला करता है।
जानकारी के अनुसार, मामला एक वकील की उस याचिका से जुड़ा था जिसमें उसने खुद को एडवोकेट से ‘सीनियर एडवोकेट’ बनाए जाने के लिए अर्जी लगाई थी। सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची के बेंच ने वकील की दलीलों और रवैये पर नाराजगी जताई और कहा कि सीनियर एडवोकेट का दर्जा कोई स्टेटस सिंबल नहीं है। ये पद मांगने से नहीं मिलता, इसके लिए काबिल बनना पड़ता है। CJI का गुस्सा इतना बढ़ने पर उन्होंने यह तक कह दिया कि कोई भी सीनियर एडवोकेट बन सकता है, लेकिन जैसा आपका व्यवहार है, कम से कम आप तो बिलकुल नहीं बनेंगे।
इसी दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि कुछ बेरोज़गार युवा समाज में कॉकरोच की तरह होते हैं। उन्हें ना तो सही रोज़गार मिलता है, ना ही किसी तरह के पेशे में कोई जगह। और फिर ये लोग मीडिया, सोशल मीडिया वाले और RTI एक्टिविस्ट (RTI activist debate) बन जाते हैं और सिस्टम पर हमला करने लगते हैं। ये (Unemployed Youth Parasites) ‘परजीवी’ समाज का हिस्सा हैं। क्या आप भी इन्हीं के साथ मिलकर सिस्टम के खिलाफ खड़े होना चाहते हैं।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कुछ वकीलों की डिग्रियों पर भी सवाल उठाए। सीजेआई ने कहा कि उन्हें कुछ लोगों की वकालत की डिग्री हासिल करने पर शक है। उन्होंने संकेत दिया कि ज़रुरत पड़ने पर इस मामले की जांच कराई जा सकती है।
उधर, अदालत की टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। इस पर लोगों के मिले-जुले रिएक्शन्स आ रहे हैं। लेकिन बड़ी बात तो यही रही कि युवाओं को कॉकरोच और ‘परजीवी’ (Parasite) बोल दिया गया।
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