डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका की हत्या की साजिश, ईरान की सेना के ‘आतंकियों’ ने दी धमकी

Donald Trump Daughter Ivanka Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप को निशाना बनाने की कथित साजिश का बड़ा खुलासा हुआ है। अमेरिकी संघीय जांच एजेंसियों ने एक ऐसे संदिग्ध को गिरफ्तार किया है जो ईरानी सेना इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (Islamic Revolutionary Guard Corps, IRGC) से जुड़ा आतंकी बताया जा रहा है। जिसने इवांका की निगरानी के लिए एक ब्लू प्रिंट तैयार कर रखा था। इस बात का खुलासा एक अमेरिकी मीडिया ‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ की एक रिपोर्ट में हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक धमकी देने वाले का नाम मोहम्मद बाकर साद दाऊद अल सादी (32) है। ये इराक का नागरिक है। इसे बीती 15 मई को तुर्की से गिरफ्तार कर अमेरिका को सौंप दिया गया है। इसके पास से इवांका ट्रंप के न्यूयॉर्क स्थित आवास का ब्लूप्रिंट, सुरक्षा कैमरों और गार्ड रूटीन की निगरानी सूची, और कई डिजिटल फाइलें, जिनमें इवांका की हाल की सार्वजनिक गतिविधियों के ट्रैकिंग रिकॉर्ड शामिल थे, मिले हैं।
इस आरोपी ने पिछले 8–10 महीनों में इवांका की मूवमेंट पैटर्न को बारीकी से देखा। वो लो-प्रोफाइल टारगेटिंग टेक्निक का इस्तेमाल कर रहा था ताकि किसी को शक न हो।
कासिम सुलेमानी की मौत से जुड़ा बदले का प्लान?
अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ये साजिश कासिम सुलेमानी (Qasem Soleimani) की 2020 में हुई अमेरिकी ड्रोन स्ट्राइक में मौत से जुड़े बदले के हिस्से के तौर पर रची गई हो सकती है। जांच एजेंसियों को मिले दस्तावेज़ों में “revenge” और “target family” जैसे कोडनाम भी मिले हैं, जिन पर विशेष टीमें काम कर रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियों ने कैसे पकड़ा?
जांच अधिकारियों ने बताया कि आरोपी डार्क वेब पर एक्टिव था। वो ईरान-समर्थित मिलिशिया 'कताइब हिजबुल्लाह' के लिए काम करता था। ईरानी सेना IRGC से उसका सीधा संबंध था। वो सुलेमानी और फिर उसके उत्तराधिकारी इस्माइल कानी से भी जुड़ा हुआ था। उसने इवांका के घर के पास दो बार ड्रोन उड़ाने की कोशिश की। उसने कुछ लेन-देन ऐसे डिजिटल वॉलेट से किए जिन पर पहले भी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगे थे।
साइबर मॉनिटरिंग यूनिट ने एक चैट रूम में संदिग्ध के मैसेज इंटरसेप्ट किए, जिसके बाद उस पर नज़र रखी गई और आखिर में उसे हिरासत में ले लिया गया।
इवांका के परिवार की सुरक्षा बढ़ाई गई
अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने इवांका और उनके परिवार की सुरक्षा को हाई-थ्रेट कैटेगरी में डालते हुए सुरक्षा टीमों की संख्या बढ़ाई है। घर और ऑफिस के आसपास अतिरिक्त ब्रीफिंग यूनिट तैनात की है। डिजिटल निगरानी को रियल-टाइम मोड में अपग्रेड किया है। अमेरिकी प्रशासन ने इसे “राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला” बताया है।
और बढ़ सकता है ईरान अमेरिका में तनाव
इस घटना के सामने आने के बाद अब ईरान और अमेरिका में युद्ध और भड़क सकता है। शांतिवार्ता की कोशिशें फेल हो सकती हैं। जानकारों के मुताबिक, ये घटना पहले से ही तनावपूर्ण अमेरिका-ईरान संबंधों को और बिगाड़ सकती है। ये मामला आगामी चुनावी माहौल में डोनाल्ड ट्रंप की राजनीतिक बहसों को भी प्रभावित कर सकता है।
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