फोटो खिंचाकर PM मोदी को भेजने के लिए ही बनाया है मुख्यमंत्री, बीजेपी सरकार पर डोटासरा ने फोड़ा महंगाई, पेपर लीक का का बम

Jaipur: नीट पेपर लीक, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल, सोने-चांदी के बढ़ते दामों को लेकर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बीजेपी सरकार पर करारा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई, ईंधन का घटना स्टॉक ये दिखाता है कि अगर ऐसा ही रहा तो कुछ दिनों में लॉकडाउन वाली स्थिति बन जाएगी।
जयपुर प्रदेश कार्यालय में डोटासरा ने कहा कि पेट्रोल की कीमतें लगभग 110 तक पहुंच गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ईंधन की सख्त राशनिंग की जा रही है, जहां आम नागरिकों को केवल 1000 से 1500 का ईंधन मिल रहा है और उद्योगों के लिये ये सीमा एक लाख है। देश में केवल 9 से 10 दिन का ईंधन भण्डार बचा है। उन्होंने आगाह किया कि अगर यही हालात रहे तो अगले 10 से 15 दिनों में लॉकडाउन जैसे हालात पैदा हो जाएगी, जिससे उद्योग और वाहनों का संचालन ठप्प हो जायेगा।
नीट घोटाला और युवाओं से धोखा
डोटासरा ने आरोप लगाया कि NTA के अधिकारी 2019 से कोचिंग माफियाओं के साथ मिलीभगत कर पेपर बेच रहे हैं। यह 22 लाख बच्चों का भविष्य बर्बाद कर रहा है और देश में फर्जी डॉक्टर बना रहा है। इस अन्याय के खिलाफ 21 मई को भाजपा कार्यालय का विशाल घेराव और प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रशासनिक लकवा और नौकरशाही का राज
डोटासरा ने सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन को उजागर करते हुये बताया कि कर्मचारियों को मई और अप्रैल महीने का वेतन नहीं मिला है। 70 साल के इतिहास में पहली बार बिना वित्तीय स्वीकृति के जून का महीना आ रहा है। वित्त विभाग ने PWD सड़कों की 3000 करोड़ की घोषणाओं को अवैध रूप से डीएमएफटी फंड से वित्त पोषित करने के निर्देश दिये हैं, जो केवल खनन प्रभावित क्षेत्रों के लिये हैं। उन्होंने मंत्रियों की नौटंकी का कड़ा मजाक उड़ाया।
स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था खस्ताहाल
डोटासरा ने बताया कि पहले मिलने वाली 750 मुफ्त दवाईयों में से अब 50 भी मुफ्त नहीं मिल रही है। निजी अस्पतालों के 3000 करोड़ बकाया पड़े हैं। सरकार ने कोटा में हुई मौतों के प्रति भी घोर उदासीनता दिखाई है। शिक्षा पर खुद राज्यपाल ने भी शिक्षा के गिरे स्तर, खाली विश्वविद्यालयों और फर्जी डिग्रियों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है।
धर्मेन्द्र प्रधान के विभाग में सारा का सारा जो है वो दाल में काला नहीं, दाल ही काली है। ब्यूरोक्रेसी मजे ले रही है। दिल्ली से पर्ची आती है। दिल्ली का ठेकेदार गुजरात का आता है। अगर फोटों खिंचाकर पीएम मोदी को भेजने के लिए ही आपको मुख्यमंत्री बनाया है तो फिर हम क्या कर सकते हैं?
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