Jodhpur: अब पीड़िता और SHO का ऑडियो वायरल, 4 साल तक ब्लैकमेलिंग और गैंगरेप की शिकार दो बहनों के सुसाइड मामले में बड़ा ट्विस्ट

Jodhpur: जोधपुर ग्रामीण इलाके में दो सगी बहनों की आत्महत्या के मामले में अब एक ऑडियो वायरल हो रहा है। जिसमें कथित तौर पर पीड़िता और पुलिस अधिकारी की विवादित बातचीत सुनी जा सकती है। इस ऑडियो ने पुलिस की कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं और मामले को और गहराई से धकेल दिया है।
ये मामला खेड़ापा थाना क्षेत्र का है, जहां दो बहनें अपने साथ लगातार होने वाले यौन उत्पीड़न, ब्लैकमेलिंग और धमकियों के चलते आत्महत्या कर बैठीं। बड़ी बहन ने मार्च में आत्महत्या की, जबकि छोटी बहन ने 15 मई को पानी की टंकी पर चढ़कर जहर खा लिया और अस्पताल में दम तोड़ दिया। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने उनकी लगातार शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की।
वायरल ऑडियो में क्या है?
सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो का कहना है कि खेड़ापा थाना अधिकारी ने पीड़िता को “झूठा” कहा और उसके आरोपों को भी गंभीर नहीं माना। इस वायरल ऑडियो में SHO ये भी कहते सुनाई देता है कि “अगर वो मर गई तो कोई धारा नहीं बनती”, जो संवेदनहीनता की पराकाष्ठा को दिखा रहे हैं। हालांकि, इस ऑडियो की पुष्टि अभी किसी ने नहीं की है।
पुलिस ने क्या कहा?
इस वायरल ऑडियो के मामले पर ग्रामीण SP ने बयान दिया है कि उन्हें अभी तक किसी प्रमाणित ऑडियो की जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि अगर ऐसा कोई ऑडियो सबूत के तौर पर मिला, तो पूरी निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है और मामले में कई पुलिस अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा की जा रही है।
क्या हुआ पूरा मामला?
बड़ी बहन ने करीब 4 साल तक कथित यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया था। उसने 8 आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपियों के आपत्तिजनक वीडियो को वायरल करने की धमकियां देने का दावा किया गया। छोटी बहन ने भी इन्हीं आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी थी, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं होने के चलते उसने आत्महत्या कर ली।
परिवार और ग्रामीणों ने प्रशासन और के खिलाफ जमकर प्रदर्शन भी किया। मामला गंभीर होता देख प्रशासन ने चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर किया। वहीं दो मुख्य आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। साथ ही मामले में विशेषज्ञों की टीम तैनात कर दी।
इस मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई और विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसमें FIR के प्रावधान, सबूतों की स्थिति और पुलिस की जवाबदेही का ब्योरा शामिल है।
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