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Nashik TCS Case: निदा खान की मदद करने वाले मतीन पटेल की बढ़ी मुश्किलें! अब घर पर मंडराया बुलडोजर का खतरा

Nashik TCS Case: निदा खान की मदद करने वाले मतीन पटेल की बढ़ी मुश्किलें! अब घर पर मंडराया बुलडोजर का खतरा
राष्ट्रीय
12 May 2026, 07:26 pm
रिपोर्टर : Dushyant

Nashik TCS case: नासिक TCS मामले में आरोपी निदा खान (Nida Khan case) को फरार होने के दौरान अपने घर में जगह देने का आरोप लगने के बाद मतीन पटेल लगातार गहरी मुश्किलों में घिरते नज़र आ रहे हैं। हाल ही में छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम (AMC) ने AIMIM के पार्षद मतीन पटेल को उनकी कुछ प्रॉपर्टियों को लेकर नोटिस जारी किया है, जिसमें उन प्रॉपर्टीज को अवैध निर्माण बताया है। इस नोटिस में मतीन का वो मकान भी शामिल है, जहां निदा खान फरार होने के दौरान ठहरी हुई थी। पुलिस ने भी निदा को यहीं से गिरफ्तार किया था। अगर मतीन पटेल ने इस “कारण बताओ नोटिस” का संतोषजनक जवाब नहीं दिया, तो नगर निगम उनके घर और प्रॉपर्टीज पर बुलडोज़र का पंजा चलाने का काम शुरू कर देगा। (Mateen Patel notice)

पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, TCS मामले के सामने आने के बाद आरोपी निदा खान 10 अप्रैल से फरार चल रही थी और 7 मई को पुलिस ने उसे नारेगांव इलाके के एक बंगले से पकड़ा था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि यह बंगला ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के पार्षद मतीन पटेल का है और उसने ही यहाँ पर निदा खान को उसके रिश्तेदारों के साथ छिपा रखा था।

नगर निगम के मेयर समीर राजूरकर ने कहा कि शुरुआती जांच में मतीन की संपत्तियां आंशिक या पूरी तरह अवैध सामने आ रही हैं। हमने 9 मई को मतीन पटेल को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और जवाब पेश करने के लिए 3 दिनों का समय दिया था। यदि नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला और जाँच में प्रॉपर्टी के अवैध होने के ठोस सबूत मिलते हैं, तो ऐसी स्थिति में नियमानुसार नगर निगम प्रॉपर्टी को गिराने और तोड़ने की कार्रवाई पूरी करेगा। साथ ही मतीन की पार्षद के तौर पर निगम में सदस्यता भी रद्द हो सकती है।

मामले में मतीन पटेल ने भी जवाबी कार्यवाही करते हुए लोकल कोर्ट ने अर्जी लगाकर नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिनों के समय की मांग की है। साथ ही कोर्ट से अपील की है कि जवाब पेश करने तक निगम को ज़बरदस्ती कार्रवाई कर घर नहीं तोड़ने के निर्देश दिए जाएं। जल्द ही मामले में सुनवाई होने की सम्भावना है।

यह मामला पहले से ही राजनीतिक रंग ले चुका है। भाजपा और शिवसेना, दोनों पार्टियों के नेताओं ने मामले में AIMIM की भूमिका की जांच की मांग की है, जबकि AIMIM ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदला बताया है। पुलिस फिलहाल मामले की गहराई से जांच कर रही है। (AIMIM corporator controversy)


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