मानसून को लेकर किसानों की बढ़ी चिंता! अल नीनो के चलते IMD ने जताई कम बारिश की आशंका

Monsoon Forecast, El Nino Effect: देश के करोड़ों किसानों की नज़रें इस साल के मानसून पर टिकी हैं, लेकिन मौसम विभाग ने जो ताजा अनुमान जारी किया है, उसने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जून से सितंबर के बीच मानसून में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना जताई है। इसके पीछे का कारण अल नीनो (El Nino) की वापसी को बताया जा रहा है। विभाग के अनुसार, इस बार बारिश का दीर्घकालिक औसत (LPA) लगभग 92% रहने का अंदाज़ा लगाया है, जो ‘सामान्य से कम’ की श्रेणी में आता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अल नीनो की संभावित सक्रियता मानसून पर असर डाल सकती है। इसका सबसे अधिक असर उन क्षेत्रों पर पड़ सकता है जहां खेती अभी भी बारिश पर निर्भर करती है। इस बार पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में कम बारिश की आशंका जताई जा रही है, जिससे खरीफ फसलों के उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
यदि बारिश अनुमान से कम रहती है तो धान, सोयाबीन और कपास जैसी फसलों की पैदावार घट सकती है। साथ ही मिट्टी में नमी की कमी के कारण रबी सीजन की फसलें भी प्रभावित हो सकती हैं। किसानों को सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है, जिससे उनकी लागत बढ़ेगी।
हालांकि दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश की संभावना बताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून के अंतिम चरण में पॉजिटिव इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) बनने पर बारिश बेहतर हो सकती है और अल नीनो कुछ हद तक कमजोर पड़ सकता है।
फिलहाल किसान, वैज्ञानिक और सरकार मानसून की आगे की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
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