राजस्थान की स्कूटी योजना में बड़ा बदलाव, अब लड़कियों के खाते में सीधे पैसे ट्रांसफर

Jaipur: राजस्थान सरकार ने लड़कियों की स्कूटी योजना में एक बड़ा बदलाव किया है। अब योग्य छात्राओं के बैंक खाते में सीधे 70,000 रुपए भेजे जाएंगे। इससे लड़कियां खुद स्कूटी खरीद सकती हैं। हालांकि स्कूटी खरीदने की शर्त अब कोई जरूरी नहीं होगी। इस बदलाव से प्रदेश भर की छात्राओं और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी।
प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना और देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना में ये बदलाव कर ये फैसला लिया है। सरकार के मुताबिक इस योजना में बदलाव से सालों-साल तक चलती इस प्रक्रिया के पूरा होने का समय बचेगा, जिससे आर्थिक नुकसान नहीं होगा और जो स्कूटी सालों तक भंडार में पड़ी रहती थीं, वो नहीं होगा।
योजना लड़कियों की शिक्षा, कौशल विकास और रोज़गार सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का मौका है, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर होने में मदद मिलेगी।
स्कूटी खरीदना कोई अनिवार्य नहीं
राजस्थान सरकार की यह नई पहल उन छात्राओं के लिए है जिन्होंने स्कूल या कॉलेज में नामांकन किया है और जो इस योजना के मानदंडों को पूरा करती हैं। इसके तहत अब-
70,000 रुपए की राशि सीधे छात्रा के बैंक खाते में जामा की जाएगी।
पहले की तरह स्कूटी खरीदना अनिवार्य नहीं है।
इस राशि का इस्तेमाल शिक्षा, कौशल या पेशेवर उपयोग के लिए किया जा सकता है।
सरकार का मकसद
सरकार ने ये फैसला इसलिए और लिया है क्य़ोंकि वैसे स्कूटी बांटने में 3-3 साल तक वक्त जाया होता था। क्योंकि पहले विभाग जिलों में कॉलेजों को चुनता था, वहां स्कूटी भेजता था, फिर यहां पर कई-कई सालों तक ये स्कूटी पड़ी रहती थीं, जिससे कई स्कूटी तो खराब भी हो जाती थीं। ऐसे में काफी आर्थिक नुकसान होता था। इससे विभाग को स्कूटी के लिए टेंडर निकालना, इतनी बड़ी संख्या में खरीद, फिर उनका भंडारण नहीं करना होगा। विभाग का काफी समय बचेगा और योजना का फायदा पहुंचाने में भी समय नहीं लगेगा। इस प्रक्रिया के तहत पहले 2024-25 की 26 हजार छात्राओं को पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे। फिर 2025-26 की छात्राओं को दिए जाएंगे।
सरकार के इस फैसले का स्थानीय स्तर पर कई छात्राओं और उनके परिजनों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि पहले स्कूटी की शर्त आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बोझ बनी रहती थी। अब राशि सीधे खाते में मिलने से उनके लिए ज्यादा ऑप्शन खुलेंगे। राजस्थान सरकार ने कहा है कि ये कदम आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा। सरकार का मानना है कि इससे शिक्षा में निरंतरता आएगी। लड़कियों को स्वतंत्रता और आर्थिक सशक्तिकरण मिलेगा। बिना स्कूटी की बाध्यता के छात्राएं अपने खर्चों को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकेंगी।
एक अधिकारी ने बताया कि अब जिन छात्राओं के पास स्कूटी खरीदने की कोई जरूरत नहीं है या वे इसे नहीं चाहतीं, वे भी योजना के लाभ ले सकती हैं। ये बदलाव व्यापक आर्थिक योजनाओं के मुतबिक ही लिया गया है।
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