31 जुलाई की डेडलाइन...फिर भी बहानेबाज़ी? पंचायत चुनाव से आखिर क्यों डर रही बीजेपी सरकार

Rajasthan Panchayat Elections 2026: राजस्थान की सियासत में इस वक्त जो मुद्दा सबसे ज्यादा गर्म है वो है, पंचायत और निकाय चुनाव का। काफी समय से अटके इन चुनावों पर बीते दिन जब राजस्थान हाई कोर्ट ने नई डेडलाइन दी तो पक्ष-विपक्ष के बीच फिर से बहस छिड़ गई। विपक्ष कह रहा है कि चुनाव इस डेडलाइन तक भी नहीं होंगे।
सरकार के मंत्रियों के गजब बयान!
पंचायत चुनाव पर तो बीजेपी के मंत्रियों के बयान सुनने लायक हैं। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेलने कहा कि अभी तो हमें कोर्ट के आदेश की कॉपी नहीं मिली है, आएगी तो विस्तार से अध्ययन करेंगे। कोर्ट ने OBC कमिशन को 20 जून तक का टाइम दिया है, लेकिन कमिशन कब रिपोर्ट देता है, ये तो उस पर निर्भर करता है। मतलब इशारा साफ़ है कि अभी भी गेंद को घुमाया जा रहा है।
इधर पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर का भी यही कहना है कि 'पहले फैसले को पढ़ेंगे, फिर कुछ बोलेंगे। अब इधर विपक्ष यानी कांग्रेस को तो बैठे-बिठाए सरकार को घेरने का बड़ा मौका मिल गया है।
कांग्रेस का दावा, 'लिखकर ले लो डेडलाइन तक नहीं होंगे चुनाव'
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने तो सीधा मोर्चा खोल दिया है। डोटासरा का कहना है कि जब से ये बीजेपी सरकार आई है, जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों के पर कतर दिए गए हैं। हर जगह प्रशासक बिठाकर ब्यूरोक्रेसी का राज चला जा रहा है।
डोटासरा ने तो बकायदा दावा ठोक दिया है कि— "मैं लिख के दे सकता हूँ, ये सरकार 31 जुलाई तक भी चुनाव नहीं कराएगी। अगर इन्होंने टाइम पर चुनाव नहीं कराए, तो कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी, सीधे सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएगी। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी इसे कांग्रेस के संघर्ष की ऐतिहासिक जीत बताया है। बता दें कि पहले सुप्रीम कोर्ट ने 15 अप्रैल 2026 की डेडलाइन दी थी, लेकिन चुनाव नहीं हो पाए। सरकार ने OBC आयोग की रिपोर्ट में देरी का हवाला देकर चुनाव को अगले साल तक सरकाने का प्लान बना चुकी थी लेकिन हाईकोर्ट ने अब 31 जुलाई की डेडलाइन दे दी है।
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