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पेट्रोल छिड़कें भाटी और सस्पेंड हुए PSO, अब भाटी के पास एक भी सुरक्षा कर्मी नहीं

पेट्रोल छिड़कें भाटी और सस्पेंड हुए PSO, अब भाटी के पास एक भी सुरक्षा कर्मी नहीं
राजस्थान
30 May 2026, 01:26 pm
रिपोर्टर : ज्योति शर्मा

Ravindra Singh Bhati: शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी के बाड़मेर वाले 'पेट्रोल कांड' पर आखिरकार सरकार ने एक बड़ा एक्शन ले ही लिया। लेकिन ये एक्शन भाटी पर नहीं उनके सुरक्षा कर्मी पर लिया गया है। सरकार ने उनकी सुरक्षा में लगे PSO यानी पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया। पुलिस महकमे का आरोप है कि PSO ने ही विधायक की सुरक्षा में कोताही बरती। लेकिन अब सवाल ये उठ रहा है कि भाटी ने ही अपनी इच्छा से खुद पर पेट्रोल डाला था तो PSO को क्यों सस्पेंड किया गया है।

अब भाटी के पास एक भी सुरक्षाकर्मी नहीं

सरकार के इस एक्शन के बाद रविंद्र सिंह भाटी के पास सरकार की तरफ से दिया हुआ एक भी सुरक्षाकर्मी नहीं बचा। पिछले महीने ही सरकार ने रविंद्र सिंह भाटी की सुरक्षा की समीक्षा की थी और इंटेलिजेंस इनपुट्स के बावजूद उनके 4 में से 3 सुरक्षाकर्मियों को वापस पुलिस लाइन बुला लिया था। भाटी के पास सिर्फ एक PSO बचा था। उसे भी अब भाटी की ‘गलती’ से सस्पेंड कर दिया गया।

बाड़मेर में पेट्रोल कांड ने कर दिया बवाल!

बाड़मेर में करीब 40 दिनों से चल रहे भाटी के मजदूर आंदोलन की बात सुनने कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं आया, तो उनका का गुस्सा फूट पड़ा। बाड़मेर कलेक्ट्रेट कूच के दौरान उन्होंने अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया था। गनीमत रही कि समर्थकों और पुलिस ने तुरंत कपड़ा मारकर उन्हें संभाल लिया, वरना कोई बड़ा हादसा हो सकता था।

भाटी के समर्थन में खड़ी हो गई पूरी कांग्रेस

लेकिन इस घटना के बाद जिस तरह से विपक्ष के बड़े नेता-चाहे वो अशोक गहलोत हों, गोविंद सिंह डोटासरा हों या टीकाराम जूली-सब भाटी के पक्ष में खड़े दिखे और सरकार को घेरा, उससे सरकार बैकफुट पर आ गई। हालांकि सरकार ने PSO तख्त सिंह को सस्पेंड करके ये संदेश देने की कोशिश की है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

राजनीति जानकार इस मुद्दे पर बंटे हुए हैं। उनका कहना है कि ये कार्रवाई वाकई तर्क संगत है, या फिर यह सिर्फ जनता के गुस्से को शांत करने और असली प्रशासनिक विफलता पर ठीकरा फोड़ने की राजनीति है? गिरल माइंस के मजदूरों की समस्या हल करने की बजाय, एक सुरक्षाकर्मी को सस्पेंड कर देना कहां तक जायज है?


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