घर के भेदी ने ढहा दी लॉरेंस बिश्नोई की लंका! अब खुलेंगे बड़े-बड़े राज़

प्रदेश के शेखावाटी क्षेत्र में महीनों से जारी दहशत की जड़ आखिरकार सामने आ गई है। व्यापारियों और राजनीतिक चेहरों से करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस और AGTF ने उस कड़ी को पकड़ लिया है, जिसके सहारे विदेशों में बैठे गैंगस्टर्स राजस्थान के लोगों की हर गतिविधि पर नजर रख रहे थे। ये कोई बाहरी शख्स नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर सक्रिय वो व्यक्ति निकला जिसने लालच में अपने ही इलाके को असुरक्षित बना दिया।
कैसे टूटा खौफ का जाल
शेखावाटी में लगातार आ रहे धमकी भरे फोन और वॉट्सऐप कॉल ने व्यापारियों को परेशानी में डाल दिया था। गैंगस्टर्स की तरफ से मिलने वाली जानकारी इतनी सटीक थी कि पुलिस भी हैरान थी कि आखिर कोई दूर बैठा अपराधी यह सब कैसे जानता है। इसी ‘लिंक’ की तलाश में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और खाटूश्यामजी पुलिस काम कर रही थी।
जांच ने यह साफ किया कि गैंगस्टर्स तक जानकारी किसी स्थानीय व्यक्ति के जरिए भेजी जा रही थी—और यही कड़ी निकला लामिया गांव का महेंद्र उर्फ बिट्टू जींजवारिया।
कांग्रेस नेता श्याम सुंदर पूनिया को दिखाया ‘हैरी बॉक्सर’ का डर
26 सितंबर 2025 को खाटूश्यामजी सहकारी समिति के अध्यक्ष और कांग्रेस नेता श्याम सुंदर पूनिया को विदेशी नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाला खुद को ‘हैरी बॉक्सर’, लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़ा अपराधी बता रहा था। उसने सीधे 2 करोड़ रुपए की मांग कर दी। मामले को हल्का लेने की कोशिश हुई, लेकिन 14 अक्टूबर को फिर धमकी भरा मैसेज आया किपैसा नहीं दिया तो अंजाम भुगतना पड़ेगा।
ये डर केवल पूनिया तक ही नहीं बल्कि इलाके के कम से कम 12 प्रभावशाली लोगों के पास पहुंच चुकी थी। इसके बाद पुलिस को शिकायत की गई। लंबी जांच के बाद पुलिस की नजरें बिट्टू पर टिक गईं। जब उसके फोन की जांच हुई, तो पता चला कि वो लगातार पूनिया की रेकी कर रहा था।
वो किससे कहां मिल रहे हैं, कारोबार से जुड़ी जानकारी, पूरे दिन का शेड्यूल वो हर गतिविधि पर बारीकी से नजर बनाए हुए था। ये सब कुछ रिकॉर्ड कर भेज रहा था सीधे बिश्नोई गैंग के हैंडलर्स तक। यानी बाहरी गिरोहों को पूरा ‘ग्राउंड सपोर्ट’ स्थानीय स्तर से मिल रहा था।
बिट्टू की गिरफ्तारी के बाद व्यापारियों ने ली राहत की सांस
वहीं बिट्टू की गिरफ्तारी के बाद व्यापारियों को थोड़ी राहत मिली है। गैंगस्टर्स की सटीक जानकारी का सोर्स यही स्थानीय मुखबिरी थी। रंगदारी की धमकियों का नेटवर्क अब पुलिस की पकड़ में है। AGTF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने शेखावाटी के व्यापारियों में बढ़ती दहशत को कम किया है। अब पुलिस इस गिरफ्तारी के आधार पर पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है, ताकि बाकी जुड़े चेहरे भी सामने आ सकें।
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