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सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला और खत्म हो गई RCA एडहॉक कमेटी! अर्जुन बेनीवाल की नियुक्ति पर रोक,जानें अब क्या होगा असर

सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला और खत्म हो गई RCA एडहॉक कमेटी! अर्जुन बेनीवाल की नियुक्ति पर रोक,जानें अब क्या होगा असर
राजस्थान
16 May 2026, 11:15 am
रिपोर्टर : ज्योति शर्मा

Supreme Court verdict on RCA: सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) से जुड़े एक प्रशासनिक विवाद में अहम अंतरिम आदेश जारी किया है, जिसमें एडहॉक कमेटी को एक तरह खत्म ही कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने RCA में सदस्य संख्या और नियुक्तियों को लेकर बदलाव के दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले का सीधा असर RCA में नियुक्त अर्जुन बेनीवाल पर लगे विवादित आदेश पर भी पड़ा है, जिसे कोर्ट ने फिलहाल रोक दिया है। वहीं मनीष धारणिया को राहत मिली है। क्योंकि अर्जुन बेनीवाल हनुमानगढ़ जिला क्रिकेट संघ के सचिव थे, तब वो RCA कन्वीनर बने थे। ऐसे में अब मनीष धारणिया जो कि हनुमानगढ़ जिला क्रिकेट संघ के पूर्व सचिव थे, उन्होंने ही इस बेनीवाल की नियुक्ति का विरोध किया था।

अर्जुन बेनीवाल पहले से एक पद पर

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद RCA की वर्तमान एडहॉक कमेटी अब वैध सरकार या प्रशासनिक निकाय के तौर पर मान्य नहीं रहेगी, क्योंकि कोर्ट ने ये साफ किया है, कमेटी में कम से कम 5 सदस्यों का होना जरूरी है। इस आदेश के तहत कमेटी की सदस्यता और नियुक्तियों की प्रक्रिया को रिव्यू के लिए लौटाया गया है। अर्जुन बेनीवाल की एडहॉक कमेटी में नियुक्ति पर भी स्थगन लगा दिया गया है।

RCA की वर्तमान कार्यकारिणी ढांचे में संशोधन की जरूरत पड़ी है, और कोर्ट ने ये निर्देश दिया है कि कमेटी की वैधता तभी सुनिश्चित होगी जब उसमें उचित संख्या में सदस्य और सिस्टम के नियमों का पालन हो।

क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?

1- सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एडहॉक कमेटी का अस्तित्व तभी वैध माना जाएगा जब उसके पास कम से कम 5 सदस्य हों। वर्तमान में जो एडहॉक कमेटी है उसके ढांचे को सुप्रीम कोर्ट ने असंतोषजनक और नियम-विरोधी माना है।

2- इसी आदेश के तहत अर्जुन बेनीवाल की नियुक्ति पर रोक लगाई गई है, और इसे सुरक्षित रखा गया है जब तक कोर्ट अगली सुनवाई नहीं करता।

3- इस आदेश के बाद मनीष धारणिया को राहत मिलती दिखाई दे रही है, क्योंकि मामले में कोर्ट की स्थिति साफ तौर पर पक्षकारों के हितों को बैलंस करती दिखाई दे रही है।

4- अब ये आदेश हाईकोर्ट की बैठकों और प्रक्रियाओं को नियंत्रित करेगा जब तक RCA अपने संगठनात्मक ढांचे में जरूरी बदलाव नहीं करता।

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RCA की कामकाज में भी आएगी रुकावट

इन निर्देशों से RCA की लीडरशिप और प्रशासन की दिशा में अहम बदलाव का संकेत मिलता है, जिसमें संरचना को मजबूत करने की जरूरत पर कोर्ट ने जोर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद RCA प्रशासनिक कामकाज में रुकावट आ सकती है, क्योंकि कमेटी के पुनर्गठन और वैधता को फिर से बनाने यानी कि 5 सदस्यों को पूरा करने की प्रक्रिया अब न्यायिक निगरानी में रहेगी।

क्रिकेट प्रशासनों और राज्य निकायों के बीच समन्वय अब सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के मुताबिक ही होगा। खासकर RCA चुनाव और पदाधिकारियों की नियुक्ति के मामलों में।

दो महीने पहले ही अर्जुन बेनीवाल समेत 2 लोगों की हुई थी एंट्री

गौरतलब है कि इसी साल 29 मार्च को RCA की एडहॉक कमेटी में दो नए लोगों की एंट्री हुई थी। एक भादरा विधायक संजीव बेनीवाल के बेटे अर्जुन बेनीवाल की, जिनकी नियुक्ति को कल सुप्रीम कोर्ट ने अवैध ठहरा दिया। तो दूसरे पूर्व मंत्री चंद्रराज सिंघवी के पोते अरिष्ठ सिंघवी थे। वहीं विधायक जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव को कन्वीनर बनाया गया है। इन्हें मिलाकर अब कुल 5 टॉप मेंबर बीजेपी नेताओं के बेटे या पोते ही हैं। जिनमें से अब 4 ही बचे हैं। बाकी के 3 पुराने सदस्य धनंजय सिंह खींवसर जो चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के बेटे हैं, आशीष तिवाड़ी जो सांसद घनश्याम तिवाड़ी के बेटे हैं और कन्वीनर मोहित यादव जो विधायक जसवंत यादव के बेटे हैं, इनका नाम बरकरार रखा गया है।

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