अशोक गहलोत और सचिन पायलट एक साथ, पंचायत चुनाव से बदल रही राजस्थान कांग्रेस की सियासत

Ashok Gehlot and Sachin Pilot: आज जयपुर में पंचायत चुनाव को लेकर राजस्थान कांग्रेस का वॉर रूम सजा। बड़ी बैठक हुई, बड़े नेता जुटे और चुनावी रणनीति पर मंथन भी हुआ। लेकिन बैठक में क्या चर्चा हुई, उससे ज्यादा चर्चा बैठक से बाहर दिखे उन नजारों की हो रही है। जिन्होंने राजस्थान कांग्रेस की सियासत की एक अलग ही तस्वीर दिखा दी।
'गहलोत ही परमानेंट प्रभारी'
एक तरफ थे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तो दूसरी तरफ सचिन पायलट और दोनों के बीच की ये जुगलबंदी कैमरों में कैद हो गई। बैठक से पहले जब अशोक गहलोत और प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा वॉर रूम में पहुंचे तो गहलोत ने रंधावा से कहा कि पहले आप हमारे यहां के प्रभारी थे और अब सचिन पायलट आपके प्रभारी हैं। गहलोत की इस बात पर पायलट ने भी बड़ी सहजता से जवाब दिया। उन्होंने कहा— हम चाहे जहां के हों... लेकिन आप तो हमारे परमानेंट प्रभारी हो।
फिर क्या था ये एक लाइन कैमरों में कैद हुई तो सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक इसकी चर्चा शुरू हो गई। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। बैठक के दौरान भी इन दोनों के बीच की गुफ्तगू ने भी लोगों का ध्यान खींचा। जो कि बड़ी चर्चा का विषय बना, वहीं बैठक के बाद जब कांग्रेस नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई, वहां भी गहलोत-पायलट की केमिस्ट्री का एक और नजारा देखने को मिला।
सचिन हमारे पंजाब के...- रंधावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रंधावा ने पायलट का परिचय कराया और कहा—'और ये हमारे पंजाब के...'। इसके बाद जो तस्वीर सबसे ज्यादा चर्चा में रही वो थी अशोक गहलोत की जो गहलोत अक्सर किसी भी बड़े राजनीतिक मंच पर केंद्र में नजर आते हैं। इस बार वो थोड़ा पीछे दिखाई दिए और जब रंधावा ने अपनी बात खत्म की और मीडिया से बातचीत के लिए अगला नंबर आया तो गहलोत ने खुद सचिन पायलट को आगे बढ़ने का इशारा किया।
अब इन तस्वीरों को आप महज संयोग मानिए या बदलते सियासी समीकरण का संकेत, लेकिन इतना जरूर है कि राजस्थान कांग्रेस की राजनीति में लंबे समय तक एक-दूसरे के आमने-सामने दिखे गहलोत और पायलट आज एक ही फ्रेम में काफी सहज नजर आए।
क्या बदल रही है राजस्थान कांग्रेस की सियासत?
पायलट का 'परमानेंट प्रभारी' वाला जवाब, गहलोत की सहज मुस्कान और फिर गहलोत का खुद पायलट को मीडिया के सामने आगे करना। इन तस्वीरों ने कांग्रेस की अंदरूनी सियासत को लेकर एक नई चर्चा जरूर छेड़ दी है कि क्या ये सिर्फ मंच की सहजता है? या फिर राजस्थान कांग्रेस में गहलोत-पायलट के रिश्तों में वाकई एक नया अध्याय शुरू हो रहा है? इसका जवाब तो आने वाला वक्त देगा। लेकिन आज की तस्वीरों ने इतना जरूर बता दिया- गहलोत और पायलट एक ही फ्रेम में थे। और इस बार कैमरों से बचने की कोशिश करते हुए नहीं, बल्कि काफी सहज अंदाज में।
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