प्रसूता मौत मामला: स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र खींवसर ने रखी जांच रिपोर्ट, एनीमिया, हाई बीपी और किडनी फेल को बताया मौत की वजह

Gajendra Singh Khimsar statement on Maternal Death Case: बांसवाड़ा के अस्पताल में चार प्रसूताओं की मौत के मामले में स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर अब हलका सा गंभीर हो गए हैं। पहली बार खींवसर ने गंभीर होकर मौतों को स्वीकार किया, लेकिन इसमें भी मौत की वजह चिकित्सा व्यवस्था या गलत दवाइयों को नहीं, बल्कि उन महिलाओं की पुरानी बीमारी को ठहरा दिया। गजेन्द्र खींवसर ने मामले में जांच रिपोर्ट की जानकारी देते हुए यह माना कि चार में से दो महिलाओं की मौत प्रसव के दौरान हुई, लेकिन सभी मौतें प्रसव संबंधी मुश्किलों के चलते नहीं हुईं हैं।
खींवसर का कहना है कि दो महिलाओं की मौत इसलिए हुई क्योंकि उन्हें पहले से अन्य स्वास्थ्य समस्या थी। एक की मौत डिलीवरी के दौरान हाई ब्लड प्रेशर और दूसरी की लिवर से जुड़ी समस्याओं के कारण मौत हुई। खींवसर की रिपोर्ट में दो मामलों में हार्ट और किडनी फेल होने का जिक्र है। बाकी दो महिलाएं अस्पताल पहुंचने से पहले ही बेहद गंभीर हालत में थीं। एक अन्य महिला, जो सिर्फ दो महीने की गर्भवती थी, उसकी मौत की वजह बिना डॉक्टर की सलाह के एबॉर्शन की गोलियां खाना बताया गया।
खींवसर ने कहा कि गर्भवती महिलाओं में एनीमिया (खून की कमी) और हाई बीपी मौत की बड़ी वजह बनकर सामने आ रही है।” मंत्री ने उप-स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, हीमोग्लोबिन टेस्ट, आयरन टैबलेट वितरण और ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए।
बता दें कि 12 जुलाई को जयुपर की एक विशेषज्ञों की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। खींवसर खुद भी अस्पताल पहुंचे, अधिकारियों के साथ बैठक की और वार्डों का जायजा लिया। उनका कहना है कि महिलाओं से जुड़े सभी रिकॉर्ड जयपुर भेजे जा रहे हैं, जहां गहन जांच के बाद फाइनल रिपोर्ट तैयार होगी, ताकि मौत की असली वजह का पता चल सके।
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