हरियाणा के संजय भाटिया को राजस्थान BJP की कमान, कौन हैं नए प्रभारी और क्यों मिली जिम्मेदारी? समझिए सियासी समीकरण

बीजेपी ने देश के सभी राज्यों में प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी की नई नियुक्तियां कर दी हैं, इनमें यूपी जैसे वो प्रदेश भी शामिल हैं जिसमें अगले साल चुनाव होने वाले हैं। बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की जारी की गई इस लिस्ट में राजस्थान के प्रभारी संजय भाटिया बनाए गए हैं। वहीं कविता पाटीदार, कुलजीत चहल को सह प्रभारी बनाया गया है। स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया है, तरुण चुघ को गुजरात की जिम्मेदारी मिली हैं, वहीं उत्तर प्रदेश में विनोद तावड़े को प्रभारी बनाया गया है। ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
राधामोहन दास अग्रवाल की जगह अब संजय भाटिया
बीजेपी ने राजस्थान में संजय भाटिया को प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। संजय भाटिया हरियाणा से राज्यसभा सांसद हैं साथ ही BJP के राष्ट्रीय महामंत्री हैं। इससे पहले वे करनाल से लोकसभा सांसद रह चुके हैं।

संजय भाटिया को ही क्यों बनाया राजस्थान का प्रभारी
संजय भाटिया हरियाणा के पानीपत से आते हैं और BJP के संगठनात्मक राजनीति के पुराने चेहरे हैं। उन्होंने छात्र जीवन में ABVP से राजनीतिक-संगठनात्मक काम शुरू किया और बाद में BJP युवा मोर्चा में जिम्मेदारी संभाली। वे हरियाणा BJP में प्रदेश महामंत्री भी रह चुके हैं।
ये उनकी कार्यकुशलता और संगठन की मजबूत पकड़ का ही नतीजा ही है कि बीजेपी नेतृत्व ने उन्हें अगस्त 2026 में पहले नई राष्ट्रीय टीम में राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया। फिर सितंबर में SC मोर्चे का राष्ट्रीय प्रभारी भी बनाया गया था और अब उन्हें राजस्थान का प्रदेश प्रभारी बनाया गया है।
दूसरा राजस्थान में अभी पंचायत और निकाय चुनावों का दौर है और आगे विधानसभा चुनाव की तैयारी भी इसी संगठनात्मक ढांचे से होगी। ऐसे में प्रभारी की भूमिका केवल चुनावी टिकट तक सीमित नहीं रहती, बल्कि संगठन, प्रदेश नेतृत्व और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय में भी होती है।
संजय भाटिया हरियाणा की राजनीति और संगठन को करीब से समझते हैं। वे मनोहर लाल खट्टर के करीबी माने जाते हैं और हरियाणा BJP संगठन में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। यही अनुभव राजस्थान में प्रभावी हो सकता है, क्योंकि राजस्थान में भी BJP सरकार और संगठन के बीच लगातार तालमेल की जरूरत है।
क्योंकि राजस्थान BJP में अलग-अलग नेताओं के अपने-अपने राजनीतिक प्रभाव क्षेत्र हैं। ऐसे में बाहर के राज्य से आने वाला प्रभारी स्थानीय गुटबाजी से अलग रहकर संगठनात्मक समन्वय कर सकता है। इसका पता इसी से चलता है कि राजस्थान के सांसद सतीश पूनिया को भी बीजेपी ने पंजाब का प्रदेश प्रभारी बनाया है।
भाटिया के सामने अब बड़ी चुनौती
संजय भाटिया के सामने अब राजस्थान के पंचायत चुनाव और 2028 के चुनाव तैयारी की चुनौती होगी। वहीं राजस्थान बीजेपी में वक्त-वक्त पर सामने आती गुटबाजी से भी डील करने की चुनौती होगी।
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