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हनुमान बेनीवाल के साथ मिलकर अब पंचायत चुनाव में खेला करने को तैयार नरेश मीणा?

हनुमान बेनीवाल के साथ मिलकर अब पंचायत चुनाव में खेला करने को तैयार नरेश मीणा?
राजनीति
08 Oct 2026, 01:53 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

राजस्थान की सियासत में एक बार फिर ‘दो बब्बर शेरों’ के 'Collab' की चर्चा तेज हो गई है। एक तरफ हैं RLP सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल, और दूसरी तरफ नरेश मीणा और इस चर्चा को हवा दी है शिवदासपुरा से सामने आई इन तस्वीरों ने। तस्वीरों में RLP के कार्यकर्ता नरेश मीणा के साथ दिखाई दे रहे हैं। कहीं माला पहनाई जा रही है, कहीं गले मिलकर स्वागत हो रहा है और समर्थकों सोशल मीडिया पर कह रहे हैं कि फिर से दो बब्बर शेर साथ आ गए। अब सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे। लेकिन सवाल ये है कि आखिर इन तस्वीरों के पीछे सियासी संदेश क्या है?

हनुमान बेनीवाल और नरेश मीणा प्रदर्शन के जरिए मनवाते मांगें?

क्योंकि नरेश मीणा का आंदोलन हो या हनुमान बेनीवाल की सियासत, दोनों की राजनीति का एक कॉमन फैक्टर रहा है- सड़क पर उतरकर सरकार और प्रशासन पर दबाव बनाना। नरेश मीणा के नेतृत्व में किसानों का जयपुर कूच हुआ और शिवदासपुरा पर प्रशासन ने उन्हें रोकने की कोशिश की। यहां पुलिस बैरिकेडिंग, वाटर कैनन और भारी सुरक्षा की गई।

नरेश मीणा और RLP के बीच नजदीकी

यानी एक बार फिर वही तस्वीर, सड़क पर आंदोलन, सामने प्रशासन और बीच में नरेश मीणा और इसी बीच RLP कार्यकर्ताओं का नरेश मीणा के साथ खड़ा होना अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। वैसे ये पहली बार नहीं है जब नरेश मीणा और RLP के बीच नजदीकी के संकेत मिले हों।

नरेश मीणा के लिए खुले RLP के दरवाजे

इसी साल जून में हनुमान बेनीवाल ने खुद संकेत दिया था कि नरेश मीणा के लिए RLP के दरवाजे खुले हैं। बेनीवाल ने नरेश मीणा के साथ आने की संभावना से भी इनकार नहीं किया था। और अब पंचायत चुनाव सामने हैं।

नरेश मीणा ने AAP के साथ गठबंधन का ऐलान किया है, लेकिन रिपोर्टों के मुताबिक RLP और BAP से भी बातचीत जारी है। तो क्या अब शिवदासपुरा की तस्वीरें उसी बातचीत का अगला अध्याय हैं?

क्या पंचायत चुनाव में एक साथ आएंगे RLP और नरेश मीणा

अगर नरेश मीणा और हनुमान बेनीवाल साथ आते हैं तो राजस्थान के पंचायत चुनाव में ये गठजोड़ सिर्फ सीटों का गणित नहीं होगा बल्कि कांग्रेस और बीजेपी के बीच एक तीसरे सियासी मोर्चे को और मजबूत करने की कोशिश होगी।

तो सवाल यही है—क्या पंचायत चुनाव में RLP और नरेश मीणा का गठबंधन तय माना जाए? या फिर ये सिर्फ आंदोलन के दौरान कार्यकर्ताओं की सियासी नजदीकी है? राजस्थान की पंचायत की सियासत में अगला बड़ा दांव किसका होगा..ये देखना बेहद दिलचस्प होगा।


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