भाटी के मुद्दे भी अब उठा रहे हनुमान बेनीवाल, संसद में रखी ऐसी बात कि हो गए सबके मुंह बंद

राजस्थान के नागौर से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सांसद हनुमान बेनीवाल ने लोकसभा में बाड़मेर जिले और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में ऑपरेशन क्लीन का मुद्दा उठाया। संसद में अपनी बात रखते हुए सांसद बेनीवाल ने साफ तौर पर कहा कि देश की सुरक्षा हमारे लिए सबसे ऊपर है, लेकिन इसके साथ ही कानून और संविधान के दायरे में रहकर हर धर्म और उसके धार्मिक स्थलों का सम्मान करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने बाड़मेर में बिना किसी पारदर्शी बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के धार्मिक स्थलों पर की गई एकतरफा कार्रवाई पर कड़े सवाल खड़े किए हैं।
स्थानीय लोगों की भावनाएं आहत, ये भी तो देखिए- बेनीवाल
बेनीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को अपने धर्म का पालन करने की पूरी आज़ादी देता है। अगर किसी जगह पर कोई कानूनी विवाद या सुरक्षा से जुड़ा मामला है भी, तो उसका समाधान केवल नियमों के तहत ही निकाला जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना ठोस कानूनी प्रक्रिया के इस तरह की कार्रवाइयों से स्थानीय लोगों की भावनाएं आहत होती हैं और सीमावर्ती इलाकों का सामाजिक सौहार्द भी बिगड़ सकता है। इस तरह के हालातों की वजह से वहां के अल्पसंख्यक समाज में भारी नाराजगी और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
किन-किन जगहों का जिक्र हुआ?
बेनीवाल ने बाड़मेर के उन प्रमुख स्थानों का ब्यौरा दिया जहां हाल ही में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई है- जामा मस्जिद (सियाई) मेकन का पार, केरकोरी , रामपुरा (दहेवा), दरगाह सैयद गुल मोहम्मद शाह भलगांव (बाखासर) और आसपास की अन्य मस्जिदें।
अपनी बात के आखिर में, बेनीवाल ने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय के सामने दो मुख्य मांगें रखी हैं। पहला ये कि भविष्य में ऐसी किसी भी कार्रवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन किया जाए और स्थानीय लोगों व धर्मगुरुओं से बातचीत हो। दूसरा, जिन धार्मिक स्थलों को तोड़ा जा चुका है, सरकार तुरंत वहां एक उच्चस्तरीय जांच टीम भेजे जो प्रभावित लोगों से मिलकर स्थिति को बहाल करने के लिए जरूरी कदम उठाए। अब देखना ये होगा कि केंद्र सरकार और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
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