क्या था वो 23 साल पुराना मामला जिसमें गिरफ्तार हुए हनुमानगढ़ विधायक, क्या निकाय अध्यक्ष के लिए हो रही सियासत?

हनुमानगढ़: राजस्थान के हनुमानगढ़ से निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को फर्जी पट्टे से जुड़े करीब 23 साल पुराने मामले में CID-CB की कार्रवाई के बाद गिरफ्तार किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक CID-CB और पुलिस की टीम ने उन्हें बीकानेर जाते समय हिरासत में लिया। पूछताछ और मेडिकल प्रक्रिया के बाद उनकी गिरफ्तारी की गई। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब हनुमानगढ़ नगर परिषद के सभापति पद का चुनाव 21 सितंबर को होना है।
2003 के फर्जी पट्टा मामले में कार्रवाई
मामला साल 2003 में हनुमानगढ़ में जारी किए गए कथित फर्जी पट्टों और जमीन से जुड़ी गड़बड़ियों का है। इस मामले में गणेशराज बंसल, उनकी पत्नी संतोष बंसल और तत्कालीन नगर परिषद अधिकारी समेत कई लोगों के खिलाफ मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
18 सितंबर को हनुमानगढ़ जंक्शन थाने में जमीन खरीद और कथित धोखाधड़ी से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में FIR दर्ज किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। इनमें अलग-अलग आवंटियों की जमीन से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने मामलों की जांच शुरू की थी। मामले में दर्ज आरोपों की पुष्टि अभी न्यायिक रूप से नहीं हुई है। FIR या गिरफ्तारी अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है।
सभापति चुनाव से ठीक पहले गिरफ्तारी
गणेशराज बंसल की गिरफ्तारी का समय इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि हनुमानगढ़ नगर परिषद में सभापति पद का चुनाव 21 सितंबर को होना है। नगर परिषद में कुल 60 वार्ड हैं। हालिया निकाय चुनाव में बंसल समर्थित निर्दलीय पार्षदों का बड़ा समूह जीतकर आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक बंसल गुट से जुड़े 34 निर्दलीय पार्षद जीते हैं, जबकि बीजेपी के 15 और कांग्रेस के 10 पार्षद हैं। एक सीट पर माकपा प्रत्याशी की जीत हुई है। बंसल गुट की तरफ से सभापति पद के लिए मंजू रणवां को प्रत्याशी बनाए जाने की जानकारी सामने आई है।
समर्थकों ने थाने का घेराव किया
विधायक को हिरासत में लिए जाने की खबर के बाद उनके समर्थक बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए। समर्थकों ने पुलिस थाने का घेराव कर कार्रवाई का विरोध किया।
प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि विधायक तथा उनके समर्थक पार्षदों पर दबाव बनाया जा रहा है। दूसरी तरफ प्रशासन की ओर से चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष तरीके से कराने का भरोसा दिया गया। इसके बाद प्रदर्शन खत्म हुआ।
गणेशराज बंसल की गिरफ्तारी ऐसे वक्त हुई है जब उनके समर्थक पार्षद सभापति पद के चुनाव में मजबूत संख्या के साथ मैदान में हैं। यही वजह है कि इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय राजनीति में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
विधायक के चुनावी हलफनामे में भी दर्ज हैं आपराधिक मामले
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) के MyNeta रिकॉर्ड के मुताबिक, 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान गणेशराज बंसल के चुनावी हलफनामे में तीन लंबित आपराधिक मामले दर्ज थे। हालांकि, ये रिकॉर्ड 2023 में दाखिल हलफनामे पर आधारित हैं।
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