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झारखंड में छात्र पिटे, दिल्ली में सांसद भिड़े! अब जवाब अमित शाह नहीं राहुल गांधी दें

झारखंड में छात्र पिटे, दिल्ली में सांसद भिड़े! अब जवाब अमित शाह नहीं राहुल गांधी दें
राजनीति
11 Aug 2026, 04:56 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

बीते दिन झारखंड में छात्र प्रदर्शन कर रहे थे, अपने हक और अपनी मांगों को लेकर विधानसभा मार्च कर रहे थे, लेकिन इस मार्च के दौरान जो तस्वीरें सामने आईं, उन्होंने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और बल प्रयोग दिखाई दे रहा है। कई छात्रों ने पुलिस पर बेरहमी से मारपीट और लाठीचार्ज करने के आरोप लगाए हैं। किसी छात्र का सिर फट गया, कोई अपनी पीठ पर पड़ी लाठियों के निशान दिखा रहा है, किसी ने आंखों में जलन की शिकायत की, और कुछ प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने छात्राओं के साथ भी मारपीट की।

संसद में बीजेपी-कांग्रेस का आमने-सामने प्रदर्शन

इन तस्वीरों और आरोपों ने सवाल खड़ा किया है कि क्या छात्रों की मांगों का जवाब लाठी से दिया जाना चाहिए? और अगर पुलिस कार्रवाई जरूरी थी, तो क्या बल प्रयोग का तरीका उचित था? ये सवाल वैसे ही जैसे नई दिल्ली पर जंतर मंतर प्रोटेस्ट पर उठे थे, लेकिन दिलचस्प बात ये है कि जिस वक्त झारखंड में छात्र पुलिस कार्रवाई के आरोप लगा रहे हैं, उसी वक्त दिल्ली में संसद परिसर का सियासी पारा भी चढ़ा हुआ है। मंगलवार को NDA और कांग्रेस सांसद एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन करते नजर आए। NDA सांसदों का आरोप है कि विपक्ष संसद में चर्चा से भाग रहा है।

वहीं कांग्रेस सांसद गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। यानी संसद परिसर में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने, एक तरफ कांग्रेस का नारा- अमित शाह जवाब दो.. तो दूसरी तरफ बीजेपी सांसदों का पलटवार- “राहुल गांधी झारखंड पर जवाब दो”।

इसी दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और BJP सांसद मुकेश दलाल का भी आमना-सामना हुआ। प्रियंका गांधी के संसद पहुंचने पर BJP सांसद राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगा रहे थे। तो प्रियंका गाधी मुस्कुराते हुए उनके पास पहुंचीं और जवाब दिया कि राहुल गांधी झारखंड गए हैं और छात्रों से मिल भी चुके हैं।

झारखंड से छात्रों से कब मिले राहुल गांधी

अब सवाल यहीं से बड़ा हो जाता है। अगर राहुल गांधी छात्रों से मिल चुके हैं, तो झारखंड में हुई पुलिस कार्रवाई पर कांग्रेस की आगे की रणनीति क्या है? और छात्रों से मिलने के वीडियो अब तक राहुल गांधी के सामने क्यों नहीं आए। क्योंकि छात्रों के आरोप बेहद गंभीर हैं। कैमरे के सामने छात्र अपनी चोटें दिखा रहे हैं। और आरोप यहां तक हैं कि रात के अंधेरे में भी प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया गया।

लेकिन सवाल ये है कि क्या इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक दल उतनी ही मजबूती से आवाज उठा रहे हैं, जितनी दिल्ली के जंतर मंतर पर उठाई गई थी? राहुल गांधी ने वीडियो जारी कर छात्रों पर कार्रवाई का विरोध जरूर किया है।

लेकिन सवाल ये है—विरोध के आगे अगला कदम क्या होगा, क्या कांग्रेस झारखंड सरकार से जवाब मांगेगी?, क्या दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करेगी? क्या संसद में इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगी?

देवेंद्र महतो से दीपके ने की वीडियो कॉल

जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान तीखे तेवर दिखाने वाले अभिजीत दीपके ने रांची में अनशन पर बैठे देवेंद्र महतो से वीडियो कॉल पर बातचीत की। और लाठीचार्ज पर उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि आपके साथ और स्टूडेंट्स के साथ पुलिस ने बहुत गलत किया और जब भी जरूरत पड़े तो वो उनका साथ खड़े हैं।

यानी अभिजीत दीपके सिर्फ ये कह रहे हैं कि महाराष्ट्र में बैठकर ही वो झारखंड का साथ देंगे, हां अगर वहां बीजेपी की सरकार होती तो दिपके तुरंत वहां आ जाते है तो क्या ये सिलेक्टिव अप्रोच को नहीं दिखाता?

तो सवाल सिर्फ झारखंड का नहीं है। सवाल ये है कि जब छात्रों पर कार्रवाई होती है, तो क्या राजनीतिक और सेलिब्रिटी समर्थन भी मुद्दे के हिसाब से बदल जाता है? इनके ये तेवर झारखंड के छात्रों के मामले में क्यों नहीं दिखाई देंगे?अब देखना होगा— झारखंड के छात्रों की आवाज संसद के शोर में दबती है, या फिर इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष, दोनों से जवाब मांगा जाता है।


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