स्कूल में बच्चों को सियासत का पाठ पढ़ा रहे मदन दिलावर? शिक्षा के मंदिर में दे रहे राजनीतिक भाषण

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है और इस वीडियो ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या स्कूल में भी अब सियासत का पाठ पढ़ाया जाएगा? वायरल वीडियो में दिलावर छोटे-छोटे बच्चों के सामने कांग्रेस के शासनकाल और उसकी राजनीति की आलोचना करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में कांग्रेस के साथ-साथ राम मंदिर के मुद्दे का भी जिक्र किया गया है।
स्कूल में बच्चों से संवाद नहीं...दिया भाषण?
यानी मंत्री जी ने बच्चों के सामने कांग्रेस के खिलाफ अपनी पूरी राजनीतिक दलील रख दी। अब सवाल ये है कि क्या शिक्षा के मंदिर में बच्चों के बीच इस तरह की राजनीतिक बातें करना सही है? मदन दिलावर राजस्थान के शिक्षा मंत्री हैं। उनकी जिम्मेदारी प्रदेश के स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता, बच्चों की पढ़ाई और स्कूलों की व्यवस्थाओं से जुड़ी है।
तो जब शिक्षा मंत्री किसी स्कूल में पहुंचते हैं, तो उम्मीद ये होती है कि वे बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में बात करेंगे, उनकी समस्याएं पूछेंगे, स्कूल की व्यवस्थाएं देखेंगे और शिक्षा को बेहतर बनाने पर चर्चा करेंगे। लेकिन अगर उसी मंच से बच्चों को राजनीतिक दलों के कामकाज और आरोप-प्रत्यारोप समझाए जाने लगें, तो सवाल फिर उठेगा ही ना क्योंकि स्कूल किसी पार्टी की राजनीतिक सभा नहीं है। ये तो शिक्षा का मंदिर है जहां सियासत नहीं बल्कि बराबरी और हर विचारधारा को सम्मान देने का पाठ पढ़ाया जाता है।
पहले भी स्कूली बच्चों के साथ संवाद के दौरान विवादों में घिरे
हालांकि दिलावर इससे पहले भी स्कूलों में बच्चों से संवाद करते नजर आए हैं और उनके ऐसे कई वीडियो सामने आ चुके हैं। लेकिन इस वायरल वीडियो को लेकर बहस अलग है।
हम सवाल ये नहीं कर रहे कि कांग्रेस के शासनकाल की आलोचना सही है या गलत, सवाल ये है कि उस आलोचना के लिए जगह और मंच क्या होना चाहिए? इस तरह की बहस की जगह सिर्फ विधानसभा में है, प्रेस कॉन्फ्रेंस में है फिर चुनावी मंच पर? तो भारत रफ्तार शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से सिर्फ एक बात कहना चाहता है कि मंत्री जी स्कूल शिक्षा का मंदिर है, सियासत का मंच नहीं।
ये भी पढ़ें- विश्वेंद्र सिंह का डोटासरा पर हमला, भरतपुर-डीग निकाय हार पर फोड़ा ठीकरा, जाट सियासत में घमासान?
इस लिंक को शेयर करें

