ममता की TMC को मिला नया नाम, फुटबॉल प्लेयर चुनाव चिन्ह, बागी गुट को मिला लिफाफा, चुनाव आयोग का बड़ा फैसला

TMC New Name and Symbol: तृणमूल कांग्रेस यानी TMC के भीतर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह दे दिए हैं। अब ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ (Mamata All India Trinamool Congress) के नाम से जाना जाएगा और उसे ‘फुटबॉल प्लेयर’ चुनाव चिन्ह मिला है। वहीं बागी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ (Democratic Trinamool Congress) नाम दिया गया है और उसके लिए ‘लिफाफा’ चुनाव चिन्ह तय किया गया है।
28 साल पुराना ‘जोड़ा फूल’ अब दोनों के पास नहीं
चुनाव आयोग का यह फैसला TMC के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि दोनों गुटों को फिलहाल पार्टी के पुराने नाम ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और उसके पारंपरिक ‘फूल और घास’ यानी जोड़ा फूल चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल से रोक दिया गया है।
आयोग ने ये अंतरिम व्यवस्था उस समय की है जब पार्टी के संगठन और नेतृत्व को लेकर दोनों गुटों के बीच विवाद चल रहा है। आयोग के मुताबिक, दोनों गुटों को एक ही नाम और चुनाव चिन्ह के साथ चुनाव लड़ने की स्थिति से बचाने के लिए अलग पहचान देना जरूरी था।
ममता गुट ने फुटबॉल और क्रिकेट बैट मांगा था
नए नाम और चुनाव चिन्ह के लिए ममता बनर्जी के गुट ने आयोग को विकल्प दिए थे। इनमें क्रिकेट बैट और फुटबॉल खिलाड़ी जैसे खेल से जुड़े प्रतीक शामिल थे। आयोग ने इनमें से फुटबॉल खिलाड़ी वाला चुनाव चिन्ह आवंटित किया। पार्टी के नए नाम में भी ममता बनर्जी का नाम शामिल किया गया है- “ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस”।
फुटबॉल चुनाव चिन्ह को लेकर इसलिए भी चर्चा है क्योंकि ममता बनर्जी की राजनीति में ‘खेला होबे’ नारा काफी चर्चित रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने प्रतीक आवंटित करने के फैसले को उस राजनीतिक नारे से जोड़कर कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है।
उपचुनाव से पहले क्यों आया यह फैसला?
ये पूरा घटनाक्रम पश्चिम बंगाल और असम में होने वाले उपचुनावों से पहले सामने आया है। 6 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। इसके अलावा असम की नगांव लोकसभा सीट पर भी उपचुनाव होना है। इन चुनावों के लिए दोनों गुटों की अलग-अलग राजनीतिक पहचान तय करना जरूरी हो गया था।
चुनाव आयोग ने पहले दोनों गुटों को मूल TMC नाम और ‘फूल-घास’ वाले चिन्ह के इस्तेमाल से रोक दिया था। इसके बाद दोनों पक्षों से वैकल्पिक नाम और चुनाव चिन्ह मांगे गए। अब आने वाले चुनावों में मतदाताओं के सामने दो अलग नाम और दो अलग चुनाव चिन्ह होंगे।
28 साल बाद TMC की पहचान बदली
तृणमूल कांग्रेस के लिए यह बदलाव प्रतीकात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण है। ‘फूल और घास’ वाला चुनाव चिन्ह करीब 28 सालों से पार्टी की पहचान रहा है। अब उपचुनाव में ममता बनर्जी का गुट इसी पुराने चुनाव चिन्ह के बजाय नए नाम और फुटबॉल खिलाड़ी के निशान के साथ मैदान में उतरेगा।
हालांकि ये अंतरिम व्यवस्था है यानी दोनों के बीच समाधान होने तक अस्थायी रुप से ये हल निकाला गया है ताकि आने वाले चुनावों में दोनों दलों में चुनाव लड़ने को लेकर कोई समस्या ना आए।
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