मेवाराम जैन से अब डोटासरा और कांग्रेस को कोई दिक्कत नहीं, रहे-बचे शिकवे रंधावा के सामने होंगे दूर

कांग्रेस से निकाले गए मेवाराम जैन की घरवापसी के बाद गोविंद सिंह डोटासरा ने बड़ा बयान दिया है। अब गोविंद सिंह डोटासरा ने मेवाराम जैन का पीसीसी दफ्तर में स्वागत किया। और उनके समर्थकों से कहा कि मेवाराम जैन को कुछ कारणों से पार्टी से बाहर कर दिया गया था लेकिन उनकी अनुशंसा से ही राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी की दोबारा सदस्यता दी है। गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि मेवाराम जैन से आपको कोई समस्या नहीं होगी।
गोविंद सिंह डोटासरा ने ये भी कहा कि कार्यकर्ताओं में छोटी-मोटी बात हो गई होगी लोकसभा चुनाव के दौरान। अब एक होकर ही पंचायत चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे और जो छोटी-मोटी बातें हैं, वो हमारे प्रभारी सुखजिंदर रंधावा आएंगे उनमके साथ बैठकर सारे गिले शिकवे दूर करेंगे।
डोटासरा ने कांग्रेस में किसी गुटबाजी से भी इनकार किया। और कहा कि कांग्रेस एक है। चुनाव लेकर मनमुटाव हो गया था और कारण ये था कि किसी कारण से कांग्रेस में नहीं थे, अब जब वो वापस आए हैं तो सब एक हैं।
मेवाराम जैन के पास समर्थकों की कोई कमी नहीं है। वे सयाने भी हैं और चतुर भी। हजारों समर्थकों के साथ एक स्थान विशेष पर जाकर "चौथी बार गहलोत सरकार" का नारा लगाना है या पीसीसी में जाकर माहौल बनाना है, इसका गुणा-भाग भी उन्हें अच्छे से पता है। हालांकि यह नारा उन्हें रटा हुआ है। सोने से पहले और उठने के बाद वे इसी नारे का अभ्यास करते होंगे। पंचायत राज से निकले मेवाराम ने राजनीति में अच्छा समय भी देखा है और बुरा समय भी देखा है। अब कोई ग़लती नहीं करना चाहते। आगे भी समय आने वाला है। कैसा? यह आज कहना मुश्किल है। बस, राजनीति में अच्छा समय आने तक खुद को प्रासंगिक बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होती है और उसी के लिए बाड़मेर से जयपुर तक की यह दौड़ है।
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