जेल में नरेश मीणा की तबीयत ख़राब, राजेंद्र गुढ़ा तो पहुंचे लेकिन बेनीवाल-रोत कहां गायब?

राजस्थान की राजनीति में धाकड़ नेता के रूप में पहचाने जाने वाले नरेश मीणा को लेकर इन दिनों सियासी हलचल बेहद तेज है। समरावता मामले के बाद से जेल में बंद नरेश मीणा को लेकर राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से जेल में बंद नरेश मीणा से मिलने आख़िरकार पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा टोंक जेल पहुंचे। दोनों के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई, लेकिन जेल से बाहर आते ही गुढ़ा ने जो बातें बताईं, उसने नरेश मीणा के समर्थकों की चिंता बढ़ा दी है।क
'नरेश मीणा से सबसे ज्यादा तकलीफ कांग्रेस को'
गुढ़ा ने मीडिया के सामने खुलासा किया कि जेल के अंदर नरेश मीणा की तबीयत बिगड़ रही है—उन्हें सीने में दर्द और चक्कर आने जैसी गंभीर शिकायतें हैं। उन्होंने साफ कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो नरेश को जयपुर के बड़े अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों या सर्जन से दिखाने की पूरी कोशिश की जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाया कि जब केस के ट्रायल पर स्टे लगा हुआ है, तब भी उन्हें जेल में रखना चिंताजनक है। गुढ़ा ने तो यहां तक आरोप जड़ दिया कि नरेश के बाहर आने से सबसे ज्यादा तकलीफ कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को हो रही है।
अब असली सवाल यह उठता है कि गुढ़ा के इस कदम के बाद आगे क्या होगा? नरेश मीणा के समर्थन में मुखर रहने वाले हनुमान बेनीवाल क्या अब खुद जेल जाकर उनसे मुलाकात करेंगे?
किरोड़ी लाल मीणा पिछली बार गए इस बार अब तक नहीं
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, जो उन्हीं के समाज के दिग्गज नेता हैं, क्या वो नरेश का हाल-चाल लेने टोंक जाएंगे? क्योंकि जब थप्पड़ कांड के बाद नरेश मीणा की गिरफ्तारी हुई थी, तब भी किरोड़ी मीणा उनसे मिलने जेल में पहुंचे थे। उनकी भूमिका को लेकर काफी चर्चाएं हुई थीं यहाँ तक की वो नरेश मीणा से मिलने जेल में भी पहुंचे से । हालांकि, अब स्थिति थोड़ी अलग है।
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बड़े-बड़े जो है जो नरेश मीणा का कदम-कदम पर साथ देते हैं, क्या वो अब चुनाव की तैयारियों में उलझ गए है कि उन्हें याद नहीं की उनका एक साथ जेल में बंद है? सभी दल अपनी-अपनी राजनीतिक रणनीतियों में व्यस्त हैं, ऐसे में क्या किरोड़ी लाल मीणा या हनुमान बेनीवाल का रुख नरेश मीणा के प्रति केवल बयानों तक सीमित रहेगा या वे वाकई जेल जाकर मिलेंगे? क्या राजकुमार रोत और बेनीवाल का रुख बदलेगा? जहां एक तरफ अलग-अलग सियासी समीकरणों की सुगबुगाहट रहती है, वहीं सवाल यह भी है कि जेल में मिलना तो दूर क्या कोई नेता नरेश मीणा की रिहाई के लिए कोई कदम उठाना चाहेगा?
राजेंद्र गुढ़ा के इस दौरे ने नरेश मीणा के मुद्दे को दोबारा हवा दे दी है। अब देखना यह होगा कि समर्थक और राजस्थान के बड़े नेता नरेश को जेल से बाहर लाने के लिए आगे आते हैं या मामला यूं ही राजनीतिक बयानों में उलझा रहता है।
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