होम/politics/prashant-kishor-win-bankipur-upchunav-over-bjp-nitin-nabin-seat

प्रशांत किशोर ने तोड़ा बीजेपी का अभेद्य किला, बांकीपुर सीट पर जीता उपचुनाव, 16 साल से नितिन नबीन के पास थी ये सीट

प्रशांत किशोर ने तोड़ा बीजेपी का अभेद्य किला, बांकीपुर सीट पर जीता उपचुनाव, 16 साल से नितिन नबीन के पास थी ये सीट
राजनीति
03 Aug 2026, 01:37 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

पॉलिटिकल स्ट्रैजिस्ट से राजनेता बने प्रशांत किशोर ने बिहार में उस सीट को अपने नाम कर ली है जो बीजेपी का अभेद्य किला मानी जाती थी। 2010 के बाद परिसीमन में आई बांकीपुर सीट पर हुए उपचुनाव के रुझानों में प्रशांत किशोर ने जीत दर्ज कर ली है। ये सीट 2010 से ही बीजेपी के पास थी। वर्तमान में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन यहां से विधायक थे। वे लगातार 2010 से 2025 तक यहां से विधायक थे। 2025 में राज्यसभा सांसद और बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने ये सीट छोड़ी थी। क्योंकि चुनावी नियमों के मुताबिक कोई भी व्यक्ति एक ही समय में विधानसभा और सांसद नही रह सकता।

पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं का जश्न

रुझानों में जीत होते देख जनसुराज पार्टी में जश्न का माहौल है। कार्यकर्ता कैंप ऑफिस में खुशी मना रहे हैं। एक-दूसरे को मिठाई खिला रहे हैं और नाच रहे हैं। प्रशांत किशोर 10वें राउंड की वोटिंग में भी बीजेपी प्रत्याशी नीरज कुमार से 6000 वोटों से आगे चल रहे हैं।

इधर पटना में बीजेपी के कार्यकर्ता बांकीपुर उपचुनाव में पार्टी उम्मीदवार नीरज कुमार की जीत को लेकर इतने आश्वस्त थे कि नतीजो से पहले ही वे कार्यालय में जश्न की तैयारी करने लगे थे। उन्होंने कई किलोग्राम लड्डू तक तैयार करवा थे। जिसके वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं।

राजनीतिक रणनीतिकार से बने राजनेता

प्रशांत किशोर एक राजनीतिक दल जन सुराज के संस्थापक हैं। वे किसी भी गठबंधन या दल के पक्ष या समर्थन में खुलकर काम नहीं करते हैं। वे केंद्र की सत्ताधारी पार्टी बीजेपी और उसकी नीतियों की मुखर आलोचना करते रहे हैं। वहीं 2022 में उनकी कांग्रेस पार्टी के साथ आने की बातें हुई थीं लेकिन सहमति ना बनने पर वे कांग्रेस में नहीं गए।

प्रशांत किशोर अपने शुरुआती करियर में एक चुनावी रणनीतिकार थे। उन्होंने साल 2014 में नरेंद्र मोदी और बाद में कांग्रेस समेत कई दूसरे दलों के लिए भी चुनावी रणनीति बनाने का काम किया है। हालांकि अब वे एक पूर्णकालिक राजनेता के तौर पर सक्रिय हैं और बांकीपुर से उनकी जीत उनके राजनीतिक करियर के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

ये भी पढ़ें- महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में बरी बृज भूषण शरण सिंह, बोले- होइही सोई जो राम रचि राखा


इस लिंक को शेयर करें

ads

लेटेस्ट खबरें

ads
© 2026 Bharat Raftar. All rights reserved. Powered By Zentek.