राजस्थान के 10 नगर निगमों में मेयर की जंग: 2 निर्विरोध, 8 में मुकाबला, जयपुर-जोधपुर-कोटा में आज आखिरी दांव

राजस्थान के 10 नगर निगमों में पार्षदों के चुनाव के बाद अब शहर की सरकार का अगला चेहरा तय करने की कवायद चल रही है। 10 में से दो नगर निगम- भरतपुर और भीलवाड़ा में मेयर निर्विरोध चुने जा चुके हैं, जबकि बाकी 8 निगमों में मेयर पद के लिए चुनाव होना है।
इन 8 निगमों में भी समीकरण अलग-अलग हैं। कहीं किसी पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत है तो कहीं निर्दलीय पार्षदों के समर्थन के बिना मेयर की कुर्सी तक पहुंचना मुश्किल है।
कहां मेयर निर्विरोध चुने गए?
1. भरतपुर—अनुराधा सिंह निर्विरोध
भरतपुर में भाजपा की अनुराधा सिंह का निर्विरोध मेयर बन गई हैं। निर्दलीय प्रत्याशी विचित्रा सिंह ने बीते दिन 18 सितंबर को मंत्री जवाहर सिंह बेढम की मौजूदगी में अपना नामांकन वापस ले लिया, जिसके बाद अनुराधा सिंह के सामने कोई उम्मीदवार नहीं बचा। कांग्रेस ने ये कहा कि मंत्री और मुख्यमंत्री ने दबाव डाला इसलिए ऐसा हुआ लेकिन बेढम ने कहा कि ऐसा नहीं है ये निर्दलीय अब बीजेपी के समर्थन में हैं इसलिए ये हुआ है।
भरतपुर में भाजपा के पास केवल 20 पार्षद थे, जबकि 36 निर्दलीय जीते थे। कांग्रेस के 7 पार्षद हैं। इसके बावजूद भाजपा प्रत्याशी का निर्विरोध चुना जाना चुनावी समीकरण में बड़ा घटनाक्रम रहा।
2. भीलवाड़ा- जसवंत कंवर निर्विरोध मेयर बनी
भीलवाड़ा में भाजपा की जसवंत कंवर निर्विरोध मेयर चुनी जा चुकी हैं। निर्दलीय प्रत्याशी संतोष कंवर ने नामांकन वापस ले लिया और कांग्रेस ने मेयर पद के लिए उम्मीदवार नहीं उतारा। भाजपा के पास 70 में से 45 पार्षद हैं।
अब बाकी 8 निगमों का क्या गणित?
जयपुर नगर निगम में BJP के 78, कांग्रेस 57, निर्दलीय 15 पार्षद हैं। 19 सितंबर नामांकन है।
जोधपुर में BJP के 45, कांग्रेस 44, निर्दलीय 10, RLP का 1पार्षद है।
कोटा में BJP के 57, कांग्रेस 39, निर्दलीय 4 हैं।
बीकानेर में कांग्रेस के 42, BJP 27, निर्दलीय 10, अन्य 1 हैं।
उदयपुर में BJP 53, कांग्रेस 23, निर्दलीय 3, CPM 1 हैं।
अजमेर में कांग्रेस 37, BJP 32, निर्दलीय 11 हैं।
अलवर में BJP 28, कांग्रेस 23, निर्दलीय 13, BSP 1 हैं।
पाली में कांग्रेस 29, BJP 21, निर्दलीय 15 हैं।
अजमेर और अलवर में बीजेपी की तरफ निर्दलियों का झुकाव
जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, अलवर और पाली जैसे निगमों में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम महत्वपूर्ण है, जबकि उदयपुर, भीलवाड़ा, कोटा और जयपुर में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला है। खबरों के मुताबिक अजमेर और अलवर में निर्दलियों का रुझान बीजेपी की तरफ है, ऐसे में यहा पर मेयर बीजेपी का हो सकता है।
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