जनता के सुझाव के बाद तैयार होगा UCC का ड्राफ्ट, लिव-इन कानून में भी होगा बदलाव

Rajasthan Uniform Civil Code राजस्थान सरकार ने समान नागरिक संहिता (RUCC-2026) की प्रक्रिया पर काम करना शुरू कर दिया है और इसके लिए ड्राफ्ट तैयार करने का काम शुरू हो चुका है। ड्राफ्ट बनाने के लिए सरकार जनता की भी राय लेने की सोच रही है, इसलिए सरकारी अधिकारी विभिन्न वर्गों और समुदायों के प्रतिनिधियों और आम जनता से भी सलाह और सुझाव लेने के लिए जन सुनवाई करेंगे।
समान नागरिक संहिता के ड्राफ्ट के लिए राजस्थान सरकार अलग-अलग संभागों में सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों, गैर-सरकारी संस्थाओं, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से जन सुनवाई में सुझाव लेगी। प्राप्त सुझावों के आधार पर संहिता का प्रारूप तैयार किया जाएगा।
बैठक में दिए निर्देश
राजस्थान सरकार के गृह विभाग ने 30 जून को अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) (ACS) की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की, जिसमें ACS ने सभी संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को जनसुनवाई के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से पूरी हो और आम जनता को कोई तकलीफ न हो।
विपक्ष कर रहा विरोध
मीटिंग और जन सुनवाई के बीच ही इसी मुद्दे को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस का कहना है कि वे इस कानून का विरोध करेंगे और किसी भी जनसुनवाई में हिस्सा नहीं लेंगे।
किन-किन विषयों पर लिए जाएँगे सुझाव
राजस्थान सरकार की संयुक्त शासन सचिव अंजली राजोरिया ने बताया कि संहिता का प्रारूप बनाने के लिए समिति एवं अधिकारी शादी, तलाक, भरण-पोषण, वारिस, वसीयत, लिव-इन रिलेशनशिप और गोद लिए बच्चों जैसे विषयों पर जनता से सुझाव मांग रही है।
कब कहाँ होगी जनसुनवाई
जयपुर में 10 जुलाई को कलेक्ट्रेट में सुबह 10:00 बजे से 12:30 और दोपहर 2:00 बजे से शाम 6 बजे तक सुझाव लिए जाएंगे। 11 जुलाई को भी दोपहर 12:30 बजे तक सुझाव लेंगे।
वहीं दूसरी तरफ, संभागवार जनसुनवाई का कार्यक्रम थोडा अलग है। बीकानेर में 2-3 जुलाई, जोधपुर और अजमेर में 6-7 जुलाई, कोटा में 7-8 जुलाई, भरतपुर में 9-10 जुलाई और उदयपुर में 13-14 जुलाई को जनसुनवाई करना निर्धारित किया गया है।
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