राजस्थान विधानसभा सत्र आज से: कांग्रेस का सड़क से सदन तक शक्ति प्रदर्शन, UCC-खेजड़ी बिल पर घमासान के आसार

जयपुर। राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र आज यानी 20 अगस्त 2026 से शुरू हो रहा है। विधानसभा का ये सत्र सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक टकराहट का मंच बनता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस ने सरकार को सदन के भीतर घेरने के साथ ही सदन के बाहर भी शक्ति प्रदर्शन की तैयारी की है। कांग्रेस विधायक, विधायक आवास से विधानसभा तक पैदल मार्च निकालेंगे। इसके बाद सदन में सरकार को शिक्षा, स्कूलों पर वीडियोग्राफी का आदेश,जेन-जी मुद्दा, समेत कई मुद्दों पर घेरने की रणनीति है। वहीं UCC को लेकर भी कांग्रेस आक्रामक रुख रखेगी।
हालांकि सबसे बड़ा विवाद विधानसभा सत्र की अवधि को लेकर है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार जानबूझकर सत्र को छोटा रखना चाहती है, जबकि विपक्ष कम से कम 20 से 25 दिन तक सदन चलाने की मांग कर रहा है। दूसरी तरफ सरकार की तरफ से फिलहाल सीमित अवधि में ही कार्यवाही चलाने के संकेत हैं। आधिकारिक विधानसभा कैलेंडर में मौजूदा सत्र की अवधि 20 से 27 अगस्त दर्ज है।
कांग्रेस का सड़क से सदन तक शक्ति प्रदर्शन
मानसून सत्र के पहले ही दिन कांग्रेस ने सरकार को राजनीतिक संदेश देने की तैयारी कर ली है। कांग्रेस विधायक आवास से विधानसभा तक पैदल मार्च करेंगे। पार्टी का कहना है कि जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पहले ही सत्र को लंबा चलाने की मांग उठा चुके हैं। कांग्रेस का तर्क है कि आगामी निकाय और पंचायत चुनावों को देखते हुए विधानसभा की कार्यवाही को छोटा करना लोकतांत्रिक जवाबदेही के लिहाज से उचित नहीं है।
UCC पर भाजपा सरकार का बड़ा दांव
इस सत्र को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि भजनलाल शर्मा सरकार ने राजस्थान यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल-2026 के ड्राफ्ट को कैबिनेट से मंजूरी दे दी है।
प्रस्तावित UCC में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े मामलों के लिए समान कानूनी ढांचा तैयार करने की बात है। ड्राफ्ट में विवाह का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने और बहुविवाह पर रोक जैसे प्रावधान भी चर्चा में हैं।
कांग्रेस पहले ही UCC के मसौदे को सार्वजनिक करने और इस पर पर्याप्त चर्चा की मांग कर चुकी है। ऐसे में अगर बिल सदन में आता है तो इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लंबी राजनीतिक बहस की संभावना है।
खेजड़ी समेत 29 पेड़ों की सुरक्षा वाला बिल भी अहम
सरकार ने राजस्थान ट्रीज (प्रोटेक्शन) बिल-2026 के ड्राफ्ट को भी मंजूरी दी है। इसके तहत 29 प्रजातियों के पेड़ों को खास संरक्षण देने का प्रस्ताव है। इसमें राजस्थान का राज्य वृक्ष खेजड़ी भी शामिल है।
प्रस्तावित कानून में संरक्षित पेड़ों की अवैध कटाई पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान बताया गया है। निजी जमीन पर मौजूद संरक्षित पेड़ों को लेकर भी अनुमति व्यवस्था और दंडात्मक प्रावधान चर्चा में हैं।
लेकिन क्या UCC और खेजड़ी बिल इसी सत्र में आएंगे?
सरकार ने दोनों विधेयकों के ड्राफ्ट को कैबिनेट से मंजूरी जरूर दे दी है और उन्हें विधानसभा में लाने की तैयारी की गई थी, लेकिन विधानसभा का मौजूदा सत्र सीमित अवधि का है। दूसरी ओर आगामी निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियां भी चल रही हैं।
कुछ रिपोर्टों के मुताबिक सीमित कार्यदिवस और चुनावी व्यस्तताओं के कारण महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे के सत्र तक टाले जाने की संभावना भी जताई जा रही है। इसलिए ये कहना अभी जल्दबाजी होगी कि UCC और ट्री प्रोटेक्शन बिल दोनों निश्चित रूप से इसी सत्र में पारित हो जाएंगे।
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