विधानसभा गेट पर धरने पर बैठे पायलट-डोटासरा-जूली, गहलोत दिल्ली में...सदन में नदारद विपक्ष

जयपुर। राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरु हुआ लेकिन विपक्ष सदन में उपस्थित रहने के बजाय विधानसभा गेट पर धरने में नजर आया। कांग्रेस विधायकों ने पोद्दार मूकबधिर स्कूल से विधानसभा तक पैदल मार्च निकाला। स्कूल से निकलकर विधानसभा गेट पर मार्च करते हुए सचिन पायलट, डोटासरा, जूली, घनश्याम मेहर, रफीक खान, विकास चौधरी, अशोक चांदना, रामकेश मीणा समेत 15 से 20 विधायक गेट पर धरने थे। वहीं जब विधानसभा सत्र शुरु हुआ तो कुछ विपक्षी विधायक सदन के भीतर थे। हालांकि संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने अध्यक्ष देवनानी से कहा कि उन्हें इस बात का खेद है आज सत्र के पहले ही दिन विपक्ष के सदस्य सदन से नदारद हैं। ये बेहद शर्मनाक है।
सत्र के पहले ही दिन सदन से विपक्ष नदारद, इसका खेद- मंत्री जोगाराम
जोगाराम पटेल ने ये भी कहा कि मार्शल ने कांग्रेस विधायकों को एक-एक कर गेट से अंदर प्रवेश करने को कहा लेकिन विपक्षी सदस्य नहीं माने और बाहर विधानसभा के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए।
स्कूलों पर काला आदेश, UCC समेत कई मुद्दों पर हमलावर कांग्रेस
कांग्रेस एक नहीं बल्कि कई मुद्दों को लेकर बीजेपी सरकार पर हमलावर है। जिसमें सबसे अहम है सरकार स्कूलों में वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी और बाहरी शख्स की एंट्री पर रोक का काला आदेश। इसके अलावा विधानसभा सत्र में पेश होने वाले UCC, खेजड़ी बिल है। दूसरा कांग्रेस का आरोप है कि सरकार जानबूझकर सत्र को छोटा रखना चाहती है, वो विपक्ष कम से कम 20 से 25 दिन तक सदन चलाने की मांग कर रहा है। दूसरी तरफ आधिकारिक विधानसभा कैलेंडर में मौजूदा सत्र की अवधि 20 से 27 अगस्त दर्ज है।
कांग्रेस के सिर्फ 15-20 विधायक ही धरने पर
दूसरी तरफ कांग्रेस के कुछ विधायक सदन में मौजूद थे। यहां पर सवाल ये खड़ा होता है कि जब पोद्दार स्कूल से टीकाराम जूली और डोटासरा के नेतृत्व में विधानसभा तक पैदल मार्च प्रस्तावित था तो कांग्रेस के ये विधायक मार्च में शामिल क्यों नहीं हुए, क्या ये कांग्रेस की अनुशासनहीनता है या फिर एकजुटता का अभाव।
अशोक गहलोत दिल्ली में
दूसरा सवाल ये है कि कांग्रेस के अन्य प्रमुख नेता जिसमें पूर्व सीएम अशोक गहलोत, विधानसभा के पहले दिन नदारद दिखाई, वो तो जयपुर में ही नहीं है, ऐसे में दो दिन पहले सीएम भजनलाल शर्मा ने ये दावा किया कि कांग्रे में पहले दो गुट हुआ करते थे अब 4 हो गए हैं, कहीं ना कहीं उनका ये बयान सही होता नजर आ रहा है।
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